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धीरे-धीरे भारत में पैर फैला रहा है आतंकी संगठन ISIS, अब असम में मिला ISNE लिखा झंडा

Thu, 03 May 2018 01:37 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोलपाड़ा
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आईएसआईएस दुनिया का सबसे खतरनाक आतंकी संगठन है। पिछले काफी समय से यह भारत में अपनी गहरी पैठ जमा रहा है। ताजा खबर  पूर्वोत्तर के राज्य असम से आ रही है। असम के गोपालपाड़ा के पेड़ों पर आईएस का झंडा लहराता मिलने से हड़कंप मच गया है। चौंकाने वाली बात ये है कि इन झंडों पर आईएस नॉर्थ ईस्ट लिखा है। 
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बृहस्पतिवार की सुबह जब कुछ लोग मॉर्निंग  वॉक कर रहे थे तो उन लोगों ने इन झंडों को देखा। बताया जा रहा है कि दो बाइक पर  चार लोग आए थे और वो झंडे लहराकर चले गए। उनलोगों ने छह झंडे लहराए जिसमें से पांच झंडे लहराते रहे लेकिन एक झंडा गिर गया।

पुलिस ने आधिकारिक रूप से इस मामले में कुछ भी नहीं कहा है लेकिन एक अधिकारी ने झंडे लगाए जाने की बात कही है। फिलहाल पुलिस ने झंडों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक इस घटना के पीछे अराजकत्वों का हाथ हो सकता है।
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मॉर्निंग वॉक करने आए एक शख्त ने मीडिया को बताया कि मैं रोज इस इलाके में टहलने आता हूं। मैंने तीन काले झंडे एक पेड़ पर लटके देखे, जिस पर 'आइएस एनई' लिखा था। मैंने तुरंत पुलिस को बुलाया।' 

 

 
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क्या आतंकी संगठन ने पूर्वोत्तर राज्यों को अपना गढ़ बना रहा है

आतंकी झंडे के बाद एक बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या आतंकी संगठन ने पूर्वोत्तर राज्यों को अपना गढ़ बना रहा है। और असम अब आतंकी साजिश के लिए सॉफ्ट टारगेट बनने जा रहा है। 

इससे पहले आईएसआई का झंडा लोग जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश के लखनऊ में भी लहराया जा चुका है। लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में 2017 में झंडा लहराने वाले को कानपुर के चकेरी से संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार भी किया गया था। 

चौंकाने वाली बात ये है कि मार्च 2017 में भी असम सरकार ने आईएसआईएस की बढ़ती गतिविधियों को देख राज्य के सभी पुलिस अधीक्षकों को अलर्ट जारी किया था और संवेदनशील इलाके में सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया था। 

वहीं समय समय पर सरकार आईएसआईएस के खिलाफ राज्य सरकारों को अलर्ट जारी करती रही है। आतंकी संगठन में सबसे अधिक पढ़े लिखे लोग शामिल हो रहे हैं।   NIA के अनुसार वर्ष 2016 में गिरफ्तार हुए आईएसआईएस आतंकियों में 20 इंजीनियर थे। इसमें 12 डिप्लोमा होल्डर्स और 3 पोस्ट ग्रैज़ुएट भी थे। 80 प्रतिशत आतंकी स्कूली शिक्षा प्राप्त थे।

जिसतरह से देश में आईएस के झंडे लहराए जा रहे हैं यह देश में बढ़ते खतरे का संकेत मिल रहा है।  हालांकि ये बात अलग है कि इन सभी घटनाओं में आईएसआईएस के सीधे-तौर पर संलिप्त होने की पुष्टि नहीं हुई है और न ही यह संगठन देश में किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सका है।  लेकिन अगर भारत में  इसके बढ़ते प्रभाव को रोका नही गया तो इसके भयावह परिणाम हमारे देश को भुगतना पड़ सकते हैं।
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