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Assam MLA Disqualification: निलंबित विधायक शरमन अली मामले में विधानसभा स्पीकर ने अपील ठुकराई, कांग्रेस भड़की

Sun, 05 Jan 2025 08:51 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

असम में विधानसभा अध्यक्ष ने निलंबित कांग्रेस विधायक को अयोग्य करार दगेने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। पार्टी नेता ने यह जानकारी दी। उन्होंने इस फैसले को राजनीतिक रूप से दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम में असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले कांग्रेस ने बड़े पैमाने पर राज्यव्यापी पुनर्गठन की योजना भी बनाई है।
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असम कांग्रेस प्रमुख भूपेन बोरा (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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असम विधानसभा अध्यक्ष ने निलंबित कांग्रेस विधायक को अयोग्य ठहराने की मांग वाली अपील खारिज कर दी है। इस मामले में कांग्रेस पार्टी के नेता ने याचिका दायर की थी। पार्टी के मुताबिक निलंबित विधायक शरमन अली अहमद पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे और उनकी सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष ने इस याचिका पर सुनवाई के बाद इसे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि याचिका में विधायक को अयोग्य ठहराने के लिए जरूरी पर्याप्त आधार नहीं हैं।
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विधानसभा स्पीकर ने यह भी कहा कि याचिका में तथ्यों की कमी पाई गई। इसके साथ-साथ कानून के तहत पर्याप्त प्रमाण भी नहीं मिले। दल-बदल कानून और पार्टी अनुशासन के मुद्दों पर विधानसभा अध्यक्ष का निर्णय निर्णायक हो सकता है। ऐसे में यह यह मामला राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

स्पीकर के फैसले के बाद विधायक अपनी सदस्यता बनाए रख सकते हैं। अब पार्टी नेतृत्व को इस पर विचार करना होगा कि आगे की रणनीति क्या होगी। विधानसभा स्पीकर के फैसले से नाराज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा ने कहा, फैसला 'राजनीतिक रूप से अक्षम्य' है। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसले से भाजपा को अधिक नुकसान होगा। बोरा ने कहा, असम आंदोलन और उसके शहीदों का कथित रूप से अपमान करने के कारण अहमद को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में वे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष करने को तैयार हैं।
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असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले कांग्रेस में बड़े पैमाने पर राज्यव्यापी पुनर्गठन की योजना
बोरा ने रविवार को कहा, कांग्रेस अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी में बड़े पैमाने पर फेरबदल करेगी। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन साल में पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों की क्षमता का आकलन किया गया है। इस आधार पर पार्टी ने लगभग 90 फीसदी पदाधिकारियों को बदलने का पैसला लिया है। बोरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को मजबूत बनान के लक्ष्य के साथ फरवरी में राज्यव्यापी बदलाव किए जाएंगे।
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