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शिवसागर सीट : जेल में बंद अखिल गोगोई ने पलटी बाजी, कांग्रेस की शुभ्रमित्रा और भाजपा की सुरभि को दी मात

Sun, 02 May 2021 09:16 PM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी।

सार

जेल में बंद अखिल गोगोई ने यहां कांग्रेस पार्टी की शुभ्रमित्रा गोगोई और भाजपा सुरभि राजकोनवारी को मात दी। त्रिकोणीय मुकाबले में आरटीआई कार्यकर्ता से नेता बने अखिल गोगोई के नाम का असर भी चुनाव के परिणामों में दिखाई दिया। 
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मतदान (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
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विस्तार
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शिवसागर विधानसभा क्षेत्र में रेजर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई ने असम जनता परिषद के समर्थन में निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरकर बाजी मार ली। जेल में बंद अखिल गोगोई ने यहां कांग्रेस पार्टी की शुभ्रमित्रा गोगोई और भाजपा सुरभि राजकोंवारी को मात दी। त्रिकोणीय मुकाबले में आरटीआई कार्यकर्ता से नेता बने अखिल गोगोई के नाम का असर भी चुनाव के परिणामों में दिखाई दिया। 

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चुनाव आयोग की साइट पर रात 9 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, शिवसागर सीट पर अखिल गोगोई को 44,659 वोट मिले हैं। जबिक कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार शुभ्रमित्रा गोगोई को 12,948 और भाजपा की सुरभि राजकोंवारी को 33,640 वोट मिले हैं। 

साल 2016 में शिवसागर विधानसभा क्षेत्र से प्रणब कुमार गोगोई कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरे थे। चुनावों में उन्होंने भाजपा की सुरभि राजकोनवारी को मात दी थी। हालांकि भाजपा उम्मीदवार ने प्रणब को कड़ी टक्कर दी थी। प्रणब कुमार गोगोई को 42.87 फीसदी वोट मिले थे।
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कौन हैं अखिल गोगोई
अखिल गोगोई किसान नेता और आरटीआई कार्यकर्ता रहे हैं। वह नवगठित रेजर दल के अध्यक्ष हैं। गोगोई नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन में भूमिका निभाने को लेकर दिसंबर 2019 से जेल में बंद हैं। गोगोई शिवसागर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि उन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया है।

यहां अखिल गोगोई के रेजर दल और असम जनता परिषद के बीच गठबंधन हुआ है। चूंकि गोगोई यहां से चुनाव जीत चुके हैं, ऐसे में यहां की जनता में उनके प्रभाव से इनकार नहीं किया जा सकता है। अब देखना ये है कि उनके नाम का चुनाव परिणामों पर क्या असर पड़ता है। बता दें कि शिवसागर सीट पर पहले चरण में 27 मार्च को मतदान हुआ था।

खुले पत्र में लिखा- भाजपा और संघ से जुड़ने का ऑफर मिला
हालिया चुनावों के दौरान ने जनता के नाम एक खुला पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर कई आरोप लगाए थे। उन्होंने लिखा था कि एनआईए के जवान उन्हें जोरहाट जेल से 17 दिसंबर 2109 को हेलीकॉप्टर से गुवाहाटी लाए। उन्हें रात में एनआईए अदालत में पेश किया गया और दिल्ली ले जाया गया। जहां उन्हें एनआईए के मुख्यालय में रखा गया। 18 दिसंबर की सुबह उनसे घंटों तक पूछताछ की गई।

इस चिट्ठी में गोगोई ने आरोप लगाते हुए लिखा था कि पहले मुझे हिंदुत्व के बारे में बताया गया और फिर अभद्रता की गई। मुझे बताया गया कि अगर मैं आरएसएस में शामिल हो गया, तो मुझे तुरंत जमानत मिल जाएगी। जब मैंने इस शर्मनाक प्रस्ताव से इनकार कर दिया, तो मुझे भाजपा में शामिल होने का मौका दिया गया। उन्होंने कहा कि मैं एक खाली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकता हूं और असम में भाजपा सरकार में मंत्री बन सकता हूं।

पिछले चुनाव से इस बार ज्यादा करोड़पति
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, असम में पहले चरण के चुनाव में करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या 2016 की तुलना में बढ़ गई है। 2016 के दौरान पहले चरण में कुल 83 करोड़पति उम्मीदवार थे, लेकिन इस बार 101 करोड़पति उम्मीदवार मैदान में हैं। हालांकि, प्रति उम्मीदवार औसत संपत्ति में मामूली कमी आई है।

2016 में दो करोड़ रुपये की तुलना में 2021 के दौरान औसत संपत्ति 1.8 करोड़ रुपये रह गई है। वहीं, आपराधिक मुकदमों वाले उम्मीदवारों की बात करें तो इस बार 41 उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी है। 2016 चुनाव में ऐसे उम्मीदवारों की संख्या सिर्फ 17 थी।

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