केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भाजपा शासित असम और अरुणाचल प्रदेश से आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर एक्ट (अफ्स्पा) आंशिक रूप से हटाने की उम्मीद जताई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इन दोनों राज्यों में सुरक्षा स्थिति में सुधार को देखते हुए गृह मंत्रालय ने यह फैसला किया।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था के आंकलन के आधार पर बताया कि असम और अरुणाचल प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति में सुधार को देखते हुए यह पहल की गई है। अधिकारी ने बताया कि आंकलन रिपोर्ट से स्पष्ट है कि इससे पहले दोनों राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति पहले से काफी बेहतर हुई है।
इसे देखते हुए दोनों राज्यों में अफ्स्पा को आंशिक रूप से हटाने के बारे में राज्य सरकारों से भी राय ली गई है। इससे पहले हाल ही में इन राज्यों में अफ्स्पा की अवधि को घटाने की भी पहल की गई थी। हालांकि इस साल मई में केंद्र सरकार ने पूरे असम को अशांत घोषित करते हुए अफ्स्पा की अवधि में तीन महीने का इजाफा किया था।
जबकि अरुणाचल प्रदेश के असम की सीमा से लगे तीन जिलों तीरप, चांगलांग और लोंगडिंग को अशांत क्षेत्र घोषित करते हुए इनमें अफ्स्पा की अवधि तीन महीने के लिए बढ़ाने का फैसला किया। गौरतलब है कि असम में साल 1990 से और अरुणाचल प्रदेश के इन तीन जिलों में जनवरी 2016 से अफ्स्पा लागू है।