असम के सोनितपुर जिले के बुरहाचपोरी वन्यजीव अभयारण्य में कथित अतिक्रमणकारियों और वन रक्षकों के बीच सोमवार को झड़प हो गई। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई और सात अन्य घायल बताए जा रहे हैं। नागांव वन्यजीव प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) जयंत डेका ने बताया कि पहले जंगल से हटाए गए कथित अतिक्रमणकारी पिछले कुछ दिनों से बुरहाचपोरी वन्यजीव अभयारण्य के अंदर फिर से अतिक्रमण की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि करीब 800-900 लोग हथिया के साथ आए। उनके पास चाकू, लाठी और अन्य धारदार हथियार थे। वे जमीन पर कब्जा करने के इरादे से चीतलमारी शिविर आए थे। हमारे लोगों ने उन्हें ऐसा न करने के लिए समझाया, लेकिन उन्होंने किसी की एक न सुनी और वन रक्षकों पर धावा बोल दिया। डेका ने कहा कि ब्रह्मपुत्र के दक्षिणी तट पर पड़ोसी नागांव जिले के विभिन्न इलाकों से आए ग्रामीणों के हमले में कम से कम तीन वन रक्षक घायल हो गए।
उन्होंने बताया कि शिविर में करीब 12 वन रक्षक थे। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवा में गोलियां चलाईं गईं। हाथापाई में शायद कुछ गोलियां भीड़ को भी लगीं। स्थानीय पुलिस आ गई है। जानकारी मिली है कि एक महिला की भी मौत हुई है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि झड़प में भीड़ में से कम से कम चार लोग गोली लगने से घायल हुए। मृतक महिला की पहचान रहीमा खातून के रूप में की गई है। अन्य सभी घायलों को इलाज के लिए नागांव भेजा गया है।
ग्रामीणों ने किया यह दावा
ग्रामीणों ने दावा किया कि वे जंगल के ऊंचे इलाके में शरण ले रहे हैं, क्योंकि बाढ़ के कारण आसपास के गांवों में उनके घर जलमग्न हो गए हैं। पिछले कुछ दिनों में लगातार बारिश के कारण हालात दूभर हो गए हैं। इसीलिए हमने तिरपाल लगाकर अस्थायी बाड़े का निर्माण किया, लेकिन वन रक्षक हमें यह कहते हुए बेदखल करने आए कि हमने वन भूमि पर अतिक्रमण कर घर बसा लिया है।