गुजरात के अमरेली में अभी सबसे एशियाई शेर हैं, जिनमें करीब 82 व्यस्क नर और 117 व्यस्क मादा शेर और 79 शावक शामिल हैं। मितियाला वाइल्डलाइफ सेंचुरी में शेरों की संख्या में सबसे ज्यादा तेजी आई है, उसके बाद भावनगर मेनलैंड औऱ दक्षिणी पूर्वी तट शामिल हैं।
भारत में एशियाई शेरों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। सरकार ने रविवार को विश्व शेर दिवस पर 16वीं शेर जनसंख्या रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि बीते पांच वर्षों में देश में एशियाई शेरों की संख्या में 32 प्रतिशत की तेजी आई है। जिसके बाद देश में एशियाई शेरों की संख्या बढ़कर 891 हो गई है।
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2025 में देश में एशियाई शेरों की संख्या हुई 891
रिपोर्ट के अनुसार, बारदा वाइल्डलाइफ सेंचुरी, जेतपुर और आसपास के इलाकों में, बाबरा जसदान और आसपास के इलाकों समेत कुल नौ स्थानों पर एशियाई शेरों की संख्या 497 पाई गई है। वहीं पहली बार कॉरिडोर इलाके में 22 एशियाई शेर पाए गए हैं। सैटेलाइट की मदद से यह गिनती की गई है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'भारत को एशियाई शेरों का घर होने में बेहद गर्व है। बीते कुछ वर्षों में देश में शेरों की संख्या में इजाफा हुआ है। साल 2015 में जहां 523 शेर थे, वहीं 2025 में इनकी संख्या बढ़कर 891 हो गई है। हमें इस मामले में जबरदस्त सफलता मिली है। वर्ल्ड लायन डे पर हम अपने शेरों को बचाने का प्रण लेते हैं।'
अमरेली में सबसे ज्यादा शेर
बीते एक दशक में देश में शेरों की संख्या 70 प्रतिशत बढ़ी है। गुजरात के अमरेली में अभी सबसे एशियाई शेर हैं, जिनमें करीब 82 व्यस्क नर और 117 व्यस्क मादा शेर और 79 शावक शामिल हैं। मितियाला वाइल्डलाइफ सेंचुरी में शेरों की संख्या में सबसे ज्यादा तेजी आई है, उसके बाद भावनगर मेनलैंड औऱ दक्षिणी पूर्वी तट शामिल हैं। हालांकि कुछ इलाकों में शेरों की संख्या में कमी भी आई है, जिनमें गिरनार वाइल्ड लाइफ सेंचुरी और भावनगर तट के इलाके शामिल हैं।