रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि भारतीय रेलवे सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने बताया कि वंदे भारत ट्रेनें 110 किमी प्रति घंटे से 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई जा रही है। रेलवे सभी पटरियों पर सुरक्षा बाड़े लगाएगा। बता दें, रेलवे मंत्री ने भाजपा सांसद घनश्याम सिंह लोधी द्वारा पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए यह जानकारी दी।
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो लोधी ने सदन में पूछा था कि वंदे भारत ट्रेनों की उच्च गति के कारण रेलवे पटरियों की सुरक्षा किस तरह सुनिश्चित की जा रही है। वैष्णव ने आगे बताया कि रेलवे के पास ट्रैक के निरीक्षण, रखरखाव और मरम्मत के लिए निर्धारित प्रणाली है। आधुनिक ट्रैक संरचना, रेलवे ट्रैक की गश्त और खामियों का पता लगाने के लिए पटरियों के अल्ट्रासोनिक दोष का पता लगाने के लिए व्यवस्थाएं हैं। वैष्णव ने परीक्षण और ट्रैक रखरखाव के मशीनीकरण जैसे कदमों की एक सूची प्रदान की।
असामाजिक तत्व कर रहे नुकसान
लोधी ने पूछा कि क्या जिन रेलवे ट्रैक पर वंदे भारत ट्रेनें चलती हैं, उन्हें कथित तौर पर असामाजिक तत्वों द्वारा बाधित किया जा रहा है। इस पर वैष्णव ने कहा कि इस साल नवंबर 2023 तक वंदे भारत ट्रेनों के मार्ग पर असामाजिक और विदेशी ताकतों द्वारा बाधाएं उतपन्न करने की चार घटनाएं सामने आईं हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।
अभी इन रूटों पर भी चल रही हैं
देश की पहली वंदे भारत ट्रेन सबसे नई दिल्ली से भगवान शिव की नगरी काशी के बीच चली। यह ट्रेन फरवरी 2019 में चलाई गई। वहीं, दूसरी ट्रेन को भी धार्मिक नगरी से जोड़ा गया और यह ट्रेन नई दिल्ली से श्री वैष्णो देवी कटरा के बीच चली। तीसरी गांधीनगर से मुंबई के बीच चलाई गई, चौथी नई दिल्ली से अंब अंदौरा स्टेशन हिमाचल के बीच शुरू की गई। पांचवीं वंदे भारत को चेन्नई से मैसूर के बीच चलाया गया। छठीं वंदे भारत नागपुर से बिलासपुर के बीच चली। इसी तरह सातवीं वंदे भारत ट्रेन हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी, आठवीं वंदे भारत सिकंदराबाद से विशाखापट्टनम के बीच, नौंवी मुंबई से सोलापुर के बीच शुरू हुई। जबकि 10 वीं मुंबई से शिरडी, 11वीं रानी कमलापति स्टेशन (भोपाल) से निजामुद्दीन, 12वीं, 13वीं सिकंदराबाद से तिरुपति व चेन्नई से कोयंबतूर, 14वीं दिल्ली से अजमेर, 15वीं तिरुवनंतपुरम से कासरगोड, 16वीं भुवनेश्वर से हावड़ा, 17वीं ट्रेन दिल्ली से देहरादून, 18वीं न्यू जलपाईगुड़ी से गुवाहाटी से शुरू हुई है।