छह प्रमुख रबी फसलों की एमएसपी में बढ़ोतरी
कैबिनेट के फैसलों पर प्रेस को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'रबी सीजन के लिए एमएसपी बढ़ाने के फैसले से हमारे किसानों को उनकी कड़ी मेहनत का लाभ मिलेगा। सीएसीपी की सिफारिशों के आधार पर, छह प्रमुख रबी फसलों, गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड, सरसों और सूरजमुखी के लिए एमएसपी को मंजूरी दी गई है। नीति यह सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक फसल के लिए एमएसपी उत्पादन लागत पर न्यूनतम 50% का मार्जिन प्रदान करे।'
पीएम मोदी ने कैबिनेट के फैसले पर दी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी ने रबी फसलों की एमएसपी बढ़ाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- विकसित भारत के निर्माण में अहम भागीदारी निभा रहे अन्नदाताओं का कल्याण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसी दिशा में रबी फसलों की एमएसपी बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इससे जहां हमारी खाद्य सुरक्षा और मजबूत होगी, वहीं हमारे किसान भाई-बहनों को भी लाभ होगा।
दालों में आत्मनिर्भरता का मिशन
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, 'भारत, दुनिया के सबसे बड़े दाल उत्पादकों और उपभोक्ताओं में से एक है। 2024 के भाजपा घोषणापत्र में दालों के लिए एक मिशन बनाने की बात कही गई थी और हम आत्मनिर्भरता हासिल करने और आयात में कटौती के लिए 11,440 करोड़ रुपये का मिशन शुरू कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य बेहतर बीजों के साथ उत्पादकता में सुधार, खेती को 275 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 310 लाख हेक्टेयर करना और खेती से लेकर भंडारण तक पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना है। इसका लक्ष्य उपज को 881 किलोग्राम से बढ़ाकर 1,130 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर करना है, जिससे उत्पादन में बढ़ोतरी और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित होगी।'
'किसानों के कल्याण के लिए नहीं छोड़ रहे कोई कोर-कसर'
कैबिनेट के इस फैसले पर पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- देशभर के अपने किसान भाई-बहनों के कल्याण के लिए हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसी कड़ी में हमारी सरकार ने ‘दालों में आत्मनिर्भरता मिशन’ को मंजूरी दी है। इस ऐतिहासिक पहल से जहां दालों के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं आत्मनिर्भरता के हमारे संकल्प को भी बल मिलेगा।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते अश्विनी वैष्णव
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काजीरंगा से होकर नया हाईवे
केंद्रीय कैबिनेट ने असम में कालीआबर-नुमालिगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग-715 के 86 किमी हिस्से को चार लेन बनाने की मंजूरी दी है। इस परियोजना की लागत ₹6,957 करोड़ होगी। इसमें काजीरंगा नेशनल पार्क के बीच से गुजरते हुए 34 किमी लंबा ऊंचा पुलनुमा (एलिवेटेड वायाडक्ट) बनाया जाएगा।
बायोमेडिकल रिसर्च कार्यक्रम को भी मंजूरी
इसके साथ ही केंद्र सरकार ने 'बायोमेडिकल रिसर्च करियर प्रोग्राम' (फेज-3) को भी हरी झंडी दी है। इस योजना पर ₹1,500 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य मेडिकल और वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देना है।
उन्होंने आगे कहा कि, 'अगर आप गौर करें, तो प्रधानमंत्री मोदी के ऐतिहासिक तीसरे कार्यकाल के दौरान, स्वीकृत की गई पहली नीतियों में से एक बायो-ई3 थी, जो आईटी, सेमीकंडक्टर और एआई जैसी क्षमता वाले बायोमेडिकल, बायोसाइंस और बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्रों पर केंद्रित थी। बायोमेडिकल, बायोफिजिक्स, बायोटेक्नोलॉजी और बायोसाइंस प्रमुख विकास क्षेत्रों के रूप में उभर रहे हैं और इन्हें उच्च प्राथमिकता दी जा रही है।'
वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर देश में जश्न
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान कहा, 'भारत के स्वतंत्रता संग्राम में प्रमुख भूमिका निभाने वाले देशभक्ति गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर पूरे देश में उत्सव मनाया जाएगा। इस समारोह का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं और इसके ऐतिहासिक महत्व से अनभिज्ञ लोगों को गीत की मूल भावना और मूल्यों से जोड़ना होगा।'