कोलकाता पुलिस भाजपा विधायक और पूर्व क्रिकेटर अशोक डिंडा के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेकर मामला दर्ज कर सकती है। आरोप है कि उन्होंने एक प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों को धमकाया और एक आईएएस अधिकारी के गार्ड पर हमला किया। यह रैली आरजी कर अस्पताल की महिला डॉक्टर के दुष्कर्म-हत्या की बरसी पर आयोजित की गई थी। झड़प में मृतक डॉक्टर के माता-पिता भी घायल हुए।
कोलकाता में शनिवार को भाजपा विधायक और पूर्व क्रिकेटर अशोक डिंडा एक विवाद में फंस गए। उन पर आरोप है कि उन्होंने राज्य सचिवालय की ओर बढ़ रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों को धमकाया और एक आईएएस अधिकारी के गार्ड पर हमला किया। यह रैली आरजी कर अस्पताल की महिला डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या की पहली बरसी पर आयोजित की गई थी। पुलिस ने इस घटना पर स्वतः संज्ञान लेकर मामला दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, अशोक डिंडा ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को धमकाया और अपशब्द कहे। आरोप है कि उन्होंने एक आईएएस अधिकारी के सुरक्षा गार्ड को भी मारा, हालांकि हेलमेट होने की वजह से गार्ड को गंभीर चोट नहीं आई। पुलिस ने घटना के वीडियो फुटेज जब्त कर लिए हैं, जिसमें डिंडा को पुलिस को धमकाते और अपशब्द कहते देखा जा सकता है।
डिंडा का बयान और आरोप
मीडिया से बात करते हुए डिंडा ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से रैली कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने बिना वजह लाठीचार्ज किया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि दिन दूर नहीं जब पुलिस को भी बुरी तरह पीटा जाएगा। जैसे ही पार्टी नेतृत्व इजाजत देगा, हम पुलिस को सबक सिखाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ममता बनर्जी के ‘आंचल’ में छिपने पर मजबूर हो जाएगी।
डॉक्टर के माता-पिता भी हुए घायल
प्रदर्शन के दौरान झड़प में मृतक डॉक्टर के माता-पिता भी घायल हो गए। मां के माथे, हाथ और पीठ पर चोट आई, जिसके बाद उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीटी स्कैन और अन्य जांच के जरिए उनके अंदरूनी और बाहरी चोटों का आकलन किया जा रहा है। डॉक्टर की मां का आरोप है कि महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें जमीन पर गिरा दिया और चार-पांच पुलिसकर्मियों ने उन्हें मारा।
पुलिस ने किया आरोपों से इनकार
पुलिस ने हालांकि डॉक्टर के माता-पिता पर बल प्रयोग करने के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने पार्क स्ट्रीट क्रॉसिंग पर बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिसके दौरान मामूली धक्का-मुक्की हुई। पुलिस का दावा है कि लाठीचार्ज केवल भीड़ को नियंत्रित करने के लिए किया गया था। इस पूरे मामले में अब राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है।