अदालत ने हयात होटल में पिस्टल के बल पर धमकाने के मामले में बसपा के पूर्व सांसद राकेश पांडे के बेटे आशीष पांडे को जमानत देने से इनकार कर दिया है। वहीं आरोपी की रिमांड अवधि बढ़ाने के पुलिस के आग्रह को भी खारिज कर दिया। आशीष पांडे को 22 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने उसे एक दिन के रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया था।
पटियाला हाउस अदालत के ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुमित आनंद ने कहा कि आरोपी पर हथियार लहराने व धमकी देने के गंभीर आरोप हैं। लाइसेंसी हथियार सार्वजनिक स्थल पर निकालकर लोगों को डराने के लिए नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए होता है।
आरोपी पर गंभीर आरोप हैं और मामले की जांच अभी शुरुआती दौर में है। इसके अलावा कई गवाहों के बयान दर्ज होने हैं। आरोपी पर रास्ता रोकने, धमकी देने व आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज है। ऐसे हालात में आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता एन हरीहरन ने कहा कि आरोपी का कोई पिछला कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है और वह पेशे से व्यवसायी है। इसके अलावा उसने जांच में सहयोग किया और उसने पुलिस के सामने खुद सरेंडर किया। उससे अब कोई बरामदगी नहीं होनी है।
पुलिस की दलील
पुलिस ने आरोपी का दो दिन का रिमांड मांगते हुए कहा कि गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद आरोपी दिल्ली व लखनऊ में कई स्थानों पर छिपा था। इस दौरान वह कहां-कहां रहा और गया, इस बारे में तफ्तीश करनी है। इसलिए उसे लखनऊ लेकर जाना है, जिसमें दो दिन का समय लगेगा। इसके अलावा उसकी तीन महिला मित्रों की पहचान पता करने व उनके साथ हुए वित्तीय लेनदेन का भी पता लगाना है। बचाव पक्ष ने विरोध करते हुए कहा कि पुलिस ने आरोपी का पिस्टल, लाइसेंस व कार बरामद कर ली है। इसके अलावा तीन महिलाओं से हुए वित्तीय लेनदेन का इस केस से कोई लेना देना नहीं है।
ये है मामला
दिल्ली पुलिस ने पांच सितारा होटल में सहायक सुरक्षा प्रबंधक की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया था। इस शिकायत के मुताबिक होटल में हुए झगड़े के बाद बाहर आने पर आरोपी आशीष पांडे ने अपनी कार से पिस्टल निकाली और उसने मामले में पीड़ित गौरव को गोली मारने की धमकी दी। उस समय आशीष के साथ तीन महिला मित्र भी थीं।