केरल में आशा कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन
- फोटो : PTI
अपनी मांगों को लेकर पिछले 50 दिन से प्रदर्शन कर रही आशा कर्यकर्ताओं ने सोमवार को केरल सचिवालय के बाहर अपना विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। जहां उन्होंने सरकार की कथित उदासीनता के खिलाफ विरोध जताते हुए भावनात्मक रूप से अपने बाल कटवा लिए। इतना ही नहीं इनमें एक प्रदर्शनकारी महिला ने तो केरल सरकार के विरोध में अपना सिर भी मुंडवा लिया।
बता दें कि आज सुबह जब कई आशा कार्यकर्ता जिले भर से सचिवालय के बाहर प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए तो एक बहुत ही भावुक दृश्य देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाना शुरू कर दिया। इसके बाद एक महिला प्रदर्शनकारी ने अपने दर्द को जाहिर करते हुए अपने सिर को पूरी तरह से मुंडवा लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कटे हुए बालों को हाथ में थामते हुए एमजी रोड पर विरोध मार्च निकाला।
महिला ने व्यक्ति किया अपना दर्द
केरल सरकार के विरोध में अपना सिर मुंडवाने वाली महिला ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि हमारा जीवन मुश्किल हो गया है। यह विरोध उन मंत्रियों के खिलाफ है जो हमारी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम 232 रुपये रोज पर कैसे जी सकते हैं? साथ ही महिला ने रोते हुए कहा कि अगर सरकार उनकी मांगें नहीं मानेगी, तो वे सभी यहीं जान दे देंगे।
ये भी पढ़ें:- Maharashtra: 'संरक्षित स्मारक है, लेकिन महिमामंडन नहीं..., औरंगजेब विवाद पर एक बार फिर बोले सीएम फडणवीस
आंदोलनकारी महिला मिनी एक का बयान
साथ ही आंदोलन की अगुवाई कर रही मिनी एस ने कहा कि वे सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताने के लिए मजबूर होकर बाल काटने की स्थिति में पहुंचे है। उन्होंने कहा कि हम भावनात्मक रूप से विरोध नहीं कर रहे हैं... यह हमारा कड़ा विरोध है। मिनी ने आगे कहा कि हमारा विरोध पूरे राज्य में फैलाया जाएगा।
पिछले एक हफ्ते से जारी है भूख हड़ताल
पिछले एक हफ्ते से आशा कार्यकर्ता अपनी मांगों के लिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। ये कार्यकर्ता लंबे समय से सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें सेवानिवृत्ति के बाद लाभ और मानदेय में वृद्धि जैसी कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं।
ये भी पढ़ें:- Politics: 'मुख्यमंत्री और मंत्रियों की बयानबाजी ने बढ़ाई नफरत', बीड विस्फोट मामले में सपा विधायक का तीखा हमला
राज्य और केंद्र के बीच फसा मामला, समझिए कैसे
आशा कार्यकर्ताओं की मांग को लेकर केरल सरकार और केंद्र सरकार के बीच मामला फंसा हुआ है। जहां एक तरफ राज्य सरकार का कहना है कि आशा कार्यकर्ताओं की मांगें केंद्र सरकार के जिम्मे हैं और मानदेय में इतनी बड़ी वृद्धि करना व्यावहारिक नहीं है। साथ ही राज्य सरकार ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत केंद्र से 2023-24 के लिए कोई नकद अनुदान नहीं मिला है। वहीं केंद्र सरकार ने राज्य के दावे को खारिज करते हुए कहा कि उसने अपनी हिस्सेदारी पूरी कर दी है, लेकिन केरल से उपयोग प्रमाण पत्र नहीं मिला है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने संसद में यह घोषणा की थी कि एनएचएम के मिशन संचालन समूह ने आशा कार्यकर्ताओं के लिए प्रोत्साहन बढ़ाने का फैसला किया है।