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'यूसीसी का मकसद मुसलमानों को निशाना बनाना': असदुद्दीन ओवैसी का भाजपा पर हमला, अमित शाह को दे डाली क्या चुनौती?

Mon, 14 Sep 2026 05:16 PM IST
देवेश त्रिपाठी एएनआई, हैदराबाद

सार

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने समान नागरिक संहिता को लेकर भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूसीसी का उद्देश्य समानता स्थापित करना नहीं, बल्कि देश के 18 करोड़ मुसलमानों को निशाना बनाना है। आइए जानते हैं असदुद्दीन ओवैसी ने और क्या कहा...
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यूसीसी पर क्यों भड़के ओवैसी? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। हैदराबाद में पत्रकारों से बातचीत में लोकसभा सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा यूसीसी को समानता के लिए नहीं, बल्कि देश के 18 करोड़ मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए आगे बढ़ा रही है।
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ओवैसी ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर संविधान के खिलाफ काम करने और अल्पसंख्यक समुदायों पर बहुसंख्यक कानून थोपने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यूसीसी को लेकर भाजपा की पहल समानता से जुड़ी नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य मुसलमानों को निशाना बनाना है।

भाजपा पर ओवैसी ने लगाए क्या-क्या आरोप?
ओवैसी ने कहा, 'सबसे पहले आपको यह समझना होगा कि भाजपा समानता के लिए यूसीसी नहीं ला रही है। उन्होंने अपने राज्यों और सरकार के स्तर पर यूसीसी को केवल भारत के 18 करोड़ मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए लागू किया है। ऐसा करके भाजपा और अमित शाह संविधान के अनुच्छेद 25 (धर्म की स्वतंत्रता), 14 (समानता का अधिकार), 26 और 29 का उल्लंघन कर रहे हैं।'
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उन्होंने कहा कि देश की बुनियाद विविधता और बहुलतावाद पर टिकी है। ओवैसी ने दावा किया कि मोदी सरकार द्वारा गठित विधि आयोग ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि भारत के लिए यूसीसी न तो जरूरी है और न ही वांछनीय है।

ओवैसी ने यूसीसी कानून पर उठाए क्या सवाल?
एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा, 'दूसरी बात यह है कि इस देश की आत्मा और भावना बहुलतावाद है। तीसरी बात, अमित शाह, भाजपा और आरएसएस गैर-हिंदुओं पर हिंदू कानून थोपने की कोशिश कर रहे हैं। चौथी बात, मोदी सरकार द्वारा गठित विधि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि यूसीसी भारत के लिए न तो जरूरी है और न ही वांछनीय।'

ओवैसी ने भाजपा शासित राज्यों में लागू कुछ कानूनों का हवाला देते हुए समानता और भेदभाव से मुक्त व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि भाजपा शासित राज्यों में 'डिस्टर्ब्ड एरियाज एक्ट' क्यों लागू है, जो कथित तौर पर हिंदू को मुस्लिम को संपत्ति बेचने से रोकता है। उन्होंने 'लव जिहाद' से जुड़े कानूनों पर भी सवाल उठाया।

गोवा में यूसीसी लागू करने की चुनौती

ओवैसी ने आगामी विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए अमित शाह, भाजपा और आरएसएस को गोवा में यूसीसी लागू करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर अमित शाह 'कालक्रम समझिए' की बात करते हैं तो उन्हें गोवा में खड़े होकर यह घोषणा करनी चाहिए कि उत्तराखंड, गुजरात और असम में लागू किए गए यूसीसी जैसा ही कानून वहां भी लागू किया जाएगा।

ओवैसी ने कहा, 'चुनाव गोवा में होने वाले हैं। मैं अमित शाह, भाजपा और आरएसएस को चुनौती देता हूं कि वहां यूसीसी लागू करके दिखाएं। अगर अमित शाह 'कालक्रम समझिए' की बात करते हैं तो गोवा में खड़े होकर घोषणा करें कि वे वही यूसीसी कानून लागू करेंगे, जो उन्होंने उत्तराखंड, गुजरात और असम में लागू किया है। क्या वे वास्तव में इसे गोवा में लागू करेंगे? आगे बढ़कर ऐसा करें, लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे।'

गोवा के सिविल कोड में छूट का मुद्दा उठाया
ओवैसी ने गोवा में मौजूदा सिविल कोड के कुछ प्रावधानों का हवाला देते हुए पूछा कि क्या भाजपा इन समुदाय-विशेष छूट को खत्म करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि गोवा में हिंदू रीति-रिवाज से हुई शादी के मामले में अगर महिला 25 वर्ष की उम्र तक संतानहीन रहती है तो उसके हिंदू पति को दूसरी शादी करने की अनुमति है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर महिला 30 वर्ष की उम्र तक बेटे को जन्म नहीं देती है तो पति के दूसरी शादी करने का प्रावधान है।

ओवैसी ने कहा कि कैथोलिक समुदाय को भी कुछ छूट मिली हुई है। उनके मुताबिक, कैथोलिक विवाह को सरकारी स्तर पर पंजीकृत कराने के बजाय कैथोलिक पादरी के जरिए पंजीकृत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गोवा में चर्च के अधिकारी ईसाइयों को नागरिक उद्देश्यों के लिए वैध तलाक दे सकते हैं, जबकि गैर-कैथोलिक लोगों को तलाक के लिए अदालत जाना पड़ता है।

उन्होंने आगे कहा कि अगर विवाह संपन्न नहीं हुआ है तो चर्च न्यायाधिकरण उसे अमान्य घोषित कर सकता है, जबकि गैर-ईसाइयों को तलाक के लिए अदालत का रुख करना पड़ता है। ओवैसी ने सवाल किया कि भाजपा इन मौजूदा कानूनी छूटों पर बात क्यों नहीं करती।

2029 से पहले 21 राज्यों में यूसीसी लागू करने का शाह का दावा
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि 2029 से पहले भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) द्वारा शासित सभी 21 राज्यों में यूसीसी लागू कर दिया जाएगा। मुंबई में एक कार्यक्रम में शाह ने कहा कि कई राज्यों में यूसीसी लागू किया जा चुका है और उन्हें विश्वास है कि 2029 से पहले भाजपा नीत एनडीए के शासन वाले सभी 21 राज्यों में इसे लागू कर दिया जाएगा।

शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, हवाई हमले और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयों ने आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति स्थापित की है और विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
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