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भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया: ओवैसी बोले- यह नफरत हिंदुत्व की देन, दिग्विजय ने भी पूछा यह सवाल

Mon, 05 Jul 2021 08:39 AM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर तंज कसते हुए ओवैसी ने ट्वीट किया कि कायरता, हिंसा और कत्ल करना गोडसे की हिंदुत्व वाली सोच का ही हिस्सा है। ओवैसी बोले कि यह नफरत हिंदुत्व की ही देन है।
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असदुद्दीन ओवैसी, मोहन भागवत, दिग्विजय सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा था कि सभी भारतीयों का डीएनए एक है, चाहे वे किसी भी धर्म के हों। उन्होंने लिंचिंग को लेकर कहा कि इसमें शामिल लोग हिंदुत्व के खिलाफ हैं और लोकतंत्र में हिंदुओं या मुसलमानों का प्रभुत्व नहीं हो सकता है। इस बयान को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आरएसएस प्रमुख पर निशाना साधा। ओवैसी कहा कि कायरता, हिंसा और कत्ल करना गोडसे की हिंदुत्व वाली सोच का ही हिस्सा है। वहीं  दिग्विजय सिंह ने पूछा कि क्या यह शिक्षा आप मोदी-शाह और भाजपा के मुख्यमंत्री को भी देंगे?

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एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सिलसिलेवार ट्वीट कर मोहन भागवत को घेरा। ओवैसी ने ट्वीट में लिखा, ''आरएसएस प्रमुख भागवत ने कहा कि लिंचिंग करने वाले हिंदुत्व विरोधी। इन अपराधियों को गाय और भैंस में फर्क नहीं पता होगा, लेकिन कत्ल करने के लिए जुनैद, अखलाक, पहलू, रकबर, अलीमुद्दीन के नाम ही काफी थे। ये नफरत हिंदुत्व की देन है, इन मुजरिमों को हिंदुत्ववादी सरकार की पुश्त पनाही हासिल है।''


 
भाजपा पर भी साधा निशाना
ओवैसी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के हाथों अलीमुद्दीन के कातिलों की गुलपोशी हो जाती है, अखलाक के हत्यारे की लाश पर तिरंगा लगाया जाता है, आसिफ को मारने वालों के समर्थन में महापंचायत बुलाई जाती है, जहां भाजपा का प्रवक्ता पूछता है कि क्या हम मर्डर भी नहीं कर सकते? उन्होंने कहा कि यह कायरता, हिंसा और कत्ल करना गोडसे की हिंदुत्व वाली सोंच का अटूट हिस्सा है। मुसलमानो की लिंचिंग भी इसी सोच का नतीजा है।

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दिग्विजय सिंह ने पूछा- क्या मोदी-शाह को भी देंगे यह शिक्षा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी भागवत के बयान पर पलटवार किया। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर पूछा, ''मोहन भागवत यह विचार क्या आप अपने शिष्यों, प्रचारकों, विश्व हिंदू परिषद/ बजरंग दल कार्यकर्ताओं को भी देंगे? क्या यह शिक्षा आप मोदी-शाह व भाजपा मुख्यमंत्री को भी देंगे?"

एनसीपी ने किया भागवत के बयान का स्वागत
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने संघ प्रमुख के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''मोहन भागवत का बयान कि भारत में रहने वाले सभी लोगों का डीएनए एक है। अगर भागवत जी का हृदय बदल रहा है तो हम उसका स्वागत करते हैं। वर्ण व्यवस्था में विश्वास करने वाला संगठन अगर धर्म की हदों को तोड़ना चाहता है तो ये अच्छी बात है।''
 

संघ प्रमुख ने क्या कहा था?
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख भागवत ने कहा था कि सभी भारतीयों का डीएनए एक है, चाहे वे किसी भी धर्म के हों। उन्होंने लिंचिंग को लेकर कहा कि इसमें शामिल लोग हिंदुत्व के खिलाफ हैं और लोकतंत्र में हिंदुओं या मुसलमानों का प्रभुत्व नहीं हो सकता है। हिंदू-मुस्लिम एकता भ्रामक है क्योंकि वे अलग नहीं बल्कि एक हैं। उन्होंने कहा था कि पूजा करने के तरीके को लेकर लोगों के बीच अंतर नहीं किया जा सकता। कुछ काम ऐसे हैं, जो राजनीति नहीं कर सकती। राजनीति लोगों को एकजुट नहीं कर सकती। 
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