कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी भागवत के बयान पर पलटवार किया। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर पूछा, ''मोहन भागवत यह विचार क्या आप अपने शिष्यों, प्रचारकों, विश्व हिंदू परिषद/ बजरंग दल कार्यकर्ताओं को भी देंगे? क्या यह शिक्षा आप मोदी-शाह व भाजपा मुख्यमंत्री को भी देंगे?"
एनसीपी ने किया भागवत के बयान का स्वागत
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने संघ प्रमुख के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''मोहन भागवत का बयान कि भारत में रहने वाले सभी लोगों का डीएनए एक है। अगर भागवत जी का हृदय बदल रहा है तो हम उसका स्वागत करते हैं। वर्ण व्यवस्था में विश्वास करने वाला संगठन अगर धर्म की हदों को तोड़ना चाहता है तो ये अच्छी बात है।''
संघ प्रमुख ने क्या कहा था?
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख भागवत ने कहा था कि सभी भारतीयों का डीएनए एक है, चाहे वे किसी भी धर्म के हों। उन्होंने लिंचिंग को लेकर कहा कि इसमें शामिल लोग हिंदुत्व के खिलाफ हैं और लोकतंत्र में हिंदुओं या मुसलमानों का प्रभुत्व नहीं हो सकता है। हिंदू-मुस्लिम एकता भ्रामक है क्योंकि वे अलग नहीं बल्कि एक हैं। उन्होंने कहा था कि पूजा करने के तरीके को लेकर लोगों के बीच अंतर नहीं किया जा सकता। कुछ काम ऐसे हैं, जो राजनीति नहीं कर सकती। राजनीति लोगों को एकजुट नहीं कर सकती।