विधि आयोग ने राजनीतिक दलों, धार्मिक संगठनों और देश की जनता से समान नागरिक संहिता पर राय मांगी थी। इसको लेकर ओवैसी ने केंद्र पर हमला बोला और विधि आयोग के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया। एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा, 14 जून 2023 को विधि आयोग ने लोगों और पार्टियों से अपना विचार देने के लिए कहा था, उसके संबंध में हमने अपनी पार्टी की ओर से पत्र भेजा है। मैंने ये कहा है कि विधि आयोग को ये बताना चाहिए कि यूसीसी क्या है?
ओवैसी ने कहा कि ये बड़े संयोग की बात है कि 2018 में भी पीएम मोदी ने यूसीसी की बात शुरू कर दी थी क्योंकि 2019 में चुनाव थे और अब 2024 का चुनाव है तो फिर से शुरू कर दिया। ये बड़े अफसोस की बात है कि भाजपा विधि आयोग का इस्तेमाल कर रही है।