एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी
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एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ज्ञानवापी परिसर के सर्वेक्षण पर चिंता व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि पूजा स्थल अधिनियम पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी एएसआई रिपोर्ट सार्वजनिक हो जाएगी, तो कौन जानता है कि चीजें कैसे आगे बढ़ेंगी। आशा है कि न तो 23 दिसंबर और न ही 6 दिसंबर की पुनरावृत्ति होगी।
असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा-आरएसएस पर साधा निशाना
उन्होंने भाजपा-आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि एएसआई की रिपोर्ट आएगी तो भाजपा एक नरेटिव सेट करेगी। हमें डर है कि कहीं 23 दिसंबर या 6 दिसंबर जैसी घटनाएं न हो जाए। हम नहीं चाहते कि बाबरी मस्जिद जैसे मामले और खुल जाएं।
मुस्लिम पक्ष सर्वे का विरोध कर रहा है
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें एएसआई को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में एक वैज्ञानिक सर्वेक्षण करने की अनुमति दी गई थी ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि 17 वीं शताब्दी की संरचना पहले से मौजूद मंदिर पर बनाई गई थी या नहीं। वहीं मुस्लिम पक्ष इस सर्वे का विरोध कर रहा है और रोकने की मांग कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने कही यह बात
मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने एएसआई से सर्वेक्षण के दौरान किसी भी आक्रामक कृत्य का सहारा नहीं लेने को कहा। पीठ ने एएसआई और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों पर ध्यान दिया कि सर्वेक्षण के दौरान कोई खुदाई नहीं की जाएगी और न ही संरचना को कोई नुकसान पहुंचाया जाएगा।