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GST: 'जीएसटी दरों में कटौती से राज्यों को नुकसान'; ओवैसी बोले- उन्हें मुआवजा दें या उपकर के दायरे में लाएं

Thu, 04 Sep 2025 07:37 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जीएसटी दरों में कटौती राज्यों की वित्तीय स्थिति पर अनुपातहीन असर डालेगी। इससे राज्यों की आमदनी और वित्तीय स्थिति पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। हर राज्य को 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये तक का राजस्व नुकसान होगा। 
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एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी - फोटो : ANI
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विस्तार
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एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कटौती से राज्यों को 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये तक के कर राजस्व का नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि यह राज्यों की वित्तीय स्थिति पर 'अनुपातहीन' असर डालेगा। 

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हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नए जीएसटी सुधारों को लागू करने के बाद राज्यों को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए क्षतिपूर्ति तंत्र का उल्लेख करने में विफल रही। 

दरअसल, जीएसटी काउंसिल ने तीन सितंबर को दो दरों- 5 और 18 फीसदी की नई संरचना को मंजूरी दी थी। इससे बड़ी संख्या में वस्तुओं के दाम कम होंगे। यह नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी। 
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हर राज्य को 8-10 हजार करोड़ रुपये तक का होगा नुकसान
ओवैसी ने आगे कहा, 'जीएसटी में कटौती...मुझे लगता है कि यह राज्यों की वित्तीय स्थिति पर अनुपातहीन असर डालेगी। हम इस फैसले का स्वागत नहीं कर सकते, क्योंकि इससे राज्यों की आमदनी और वित्तीय स्थिति पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। हर राज्य को 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये तक का राजस्व नुकसान होगा। इसके लिए मुआवजा तंत्र क्या होगा? इसका कहीं जिक्र नहीं है।' उन्होंने कहा कि राज्यों को उपकर (सेस) और अधिभार (सर्चार्ज) में हिस्सा नहीं मिलता है।

पिछले 11 वर्षों में आम आदमी को नहीं हुआ कोई फायदा
जब उनसे पूछा गया कि दरों में तर्कसंगत कमी से लोगों के पास ज्यादा पैसा रहेगा और खपत बढ़ेगी जिससे कर संग्रह भी बढ़ेगा, तो ओवैसी ने इसे 'सिर्फ बयानबाजी और खोखले संवाद' करार दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों से यह बातें सुनाई जा रही हैं, लेकिन इनसे आम आदमी को कोई फायदा नहीं हुआ। 
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केसीआर के बिना बीआरएस पार्टी कुछ भी नहीं
पूर्व बीआरएस नेता के. कविता के बारे में पूछे जाने पर ओवैसी ने कहा कि वे केसीआर का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा, 'बीआरएस पार्टी केसीआर के बिना कुछ भी नहीं है।' दरअसल, केसीआर के नेतृत्व वाली बीआरएस से निलंबन के एक दिन बाद कविता ने तीन सितंबर को पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा की, और अपने चचेरे भाई व पूर्व मंत्री टी. हरीश राव पर निशाना साधा। पार्टी संस्थापक और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) की बेटी कविता ने विधान परिषद की सदस्यता से भी इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने इशारा किया कि उनके पिता पर उनके खिलाफ कार्रवाई करने का 'दबाव' था। 

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