ओवैसी ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ मुसलमानों की नहीं है, बल्कि दलितों, एससी और एसटी समुदायों की भी है। उन्होंने सवाल किया कि मैं कैसे देशद्रोही हूं? मैं अपने जन्म और मर्जी से भारतीय हूं। उन्होंने लोगों से 'संविधान बचाओ दिवस' आयोजित करने के लिए भी कहा।
बता दें कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न किए जाने के चलते भागकर भारत आने वाले हिंदुओं, सिखों, जैनियों, पारसियों, बौद्धों और ईसाइयों को नागरिकता देने के लिए प्रावधान किया गया है, खास तौर पर ऐसे लोग जो 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले भारत आए थे।
रैली में जुटे लोगों में जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की छात्रा लदीदा सखलून और आयशा रेना भी नजर आईं। यह दोनों छात्राएं केरल की रहने वाली हैं। बीते दिनों दिल्ली में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें यह दोनों एक युवक काे पुलिस की पिटाई से बचाने की कोशिश करतीं नजर आई थीं।