रामपुर में हाथीखाने के चौराहे पर हिंसक प्रदर्शन में कई पुलिस वाले घायल हो गए। भीड़ ने पुलिस की जीप समेत सात दोपहिया वाहन फूंक दिए। पुलिस को आंसू गैस के गोले और रबर की बुलेट का इस्तेमाल करना पड़ा। कानपुर में दूसरे दिन भी हुई हिंसा में यतीमखाना के पास उपद्रवियों ने पुलिस चौकी के सामने दो सिपाहियों को गोली मार दी।
भीड़ ने यतीमखाना चौकी में खड़ी दो कारें व दो बाइकों में भी आग लगा दी और पास में खड़ी सौ से अधिक गाड़ियां तोड़ दीं। पथराव में 20 से अधिक पुलिसकर्मी व मीडियाकर्मी घायल हुए हैं। उपद्रवियों पर लाठी चार्ज कर आंसू गैस के गोले छोड़े, तब वे पीछे हटे। संभलपुर और अमरोहा में भी प्रदर्शन की खबरें हैं। मुजफ्फरनगर में पथराव हुआ है। इस बीच, बवाल से निपटने के लिए यूपी सरकार को केंद्र से आईटीबीपी की पांच कंपनियां और दी गई हैं।
सीसीटीवी से पहचाने जा रहे उपद्रवी, भेजे जा रहे वसूली नोटिस
यूपी पुलिस ने उपद्रवियों की पहचानकर उन्हें जुर्माने का वसूली नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। जुर्माना नहीं चुकाने पर संपत्ति कुर्क होगी। उपद्रवियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज से की जा रही है। उधर, लखनऊ हिंसा के मामले में पकड़ गए आधा दर्जन से ज्यादा लोगों का पश्चिम बंगाल से कनेक्शन सामने आया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, लखनऊ में हिंसा के दौरान इन्हें बंगाल से बुलाया गया था। पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने बताया, प्रदर्शन में एनजीओ और बाहरी तत्व शामिल हो सकते हैं। हम जांच करा रहे हैं और किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।
13,101 विवादित पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस मामले में 63 एफआईआर दर्ज की गई और 102 लोग गिरफ्तार किए गए, जबकि 442 लोगों पर पाबंदी लगा दी गई।
यूपी का हाल
- 10,900 के खिलाफ एफआईआर, 705 गिरफ्तार
- 4500 पर निरोधात्मक कार्रवाई, 263 पुलिसकर्मी घायल
- 57 पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल, 405 देसी तमंचे बरामद
- बिहार: 13 लोगों को लगी गोली
- दिल्ली: 15 गिरफ्तारी अब तक
- प. बंगाल: 600 से ज्यादा लोग गिरफ्तार
- महाराष्ट्र: 130 के खिलाफ केस दर्ज
- कर्नाटक: 08 मामले दर्ज किए गए
दिल्ली में दरियागंज में हिंसा भड़काने के आरोप में शनिवार दोपहर भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर सहित 15 लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया। पुलिस ने हिरासत में लिए 16 नाबालिगों को छोड़ दिया। सीमापुरी समेत कई इलाकों में सीआरपीएफ के जवानों ने फ्लैग मार्च किया।
10 दिनों में तीन करोड़ परिवारों से संपर्क साधेगी भाजपा
भाजपा ने लोगों को नए नागरिकता कानून के फायदे बताने के लिए अगले 10 दिनों में व्यापक स्तर पर घर-घर अभियान की योजना बनाई है। भाजपा इस दौरान तीन करोड़ से अधिक परिवारों के साथ संवाद करेगी। भाजपा नेता इस दौरान 250 से अधिक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। हर जिले में कानून के समर्थन में रैलियां और कार्यक्रम भी किए जाएंगे।
नागरिकता कानून के खिलाफ चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच संशोधित कानून के तहत अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने की शुरुआत हो गई है। एक दशक से गुजरात में शरणार्थी शिविर में रह रहे तीन हिंदुओं को शनिवार को नागरिकता दी गई। राजकोट सीट से लोकसभा सदस्य मोहन कुडांरिया ने मोरबी के वावड़ी गांव में आयोजित समारोह में हरसिंह सोढा, सरूपसिंह सोढा और प्रभातसिंह सोढा को नागरिकता प्रमाण पत्र दिया।
कुंडारिया ने कहा कि मोरबी में रह रहे ऐसे हजारों शरणार्थियों को जल्द ही नागरिकता मिलेगी। प्रमाणपत्र मिलने के बाद हरसिंह ने कहा, हम 2007 में पाकिस्तान से भारत आए और आज भारतीय नागरिक बन गए। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का शुक्रगुजार हूं। नागरिकता संशोधन कानून पड़ोसी देशों में सताए गए अल्पसंख्यकों के लिए बहुत बड़ी राहत है।