ओवैसी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी को उनके संगठन पर आरोप लगाने के बजाए खुद का आत्मनिरीक्षण करना चाहिए और देखना चाहिए कि किस तरह से भाजपा ने राज्य में 18 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के इन दावों को खारिज कर दिया कि उनकी पार्टी भाजपा की बी-टीम है और भगवा दल के विरोधी वोट में सेंध लगाएगी।
ओवैसी ने कहा, ‘हम राजनीतिक दल हैं, हम अपनी उपस्थिति साबित करेंगे और चुनाव लड़ेंगे (पश्चिम बंगाल में)।’ उन्होंने कहा, ‘... भारत की सियासत का मैं लैला हूं और मेरे मजनू बहुत हैं, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता।’ बाद में एक समाचार चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने अभी यह तय नहीं किया है कि यह अकेले चुनाव लड़ेगी या किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन करेगी।
बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा नीत राजग की जीत में एआईएमआईएम द्वारा सहयोग करने के तृणमूल के दावे को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य में उनकी पार्टी ने 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था जिसमें से उसने पांच सीटों पर जीत हासिल की और महागठबंधन ने नौ सीटों पर जीत हासिल की, जबकि राजग ने छह सीटें जीतीं।
उन्होंने दावा किया कि फुरफुरा शरीफ के ‘पीरजादा’ सिद्दीकी का उन्हें समर्थन हासिल है। बंगाल के हुगली जिले में फुरफुरा शरीफ विख्यात दरगाह है। ओवैसी ने कहा, ‘तृणमूल कांग्रेस को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि लोकसभा चुनावों के दौरान भाजपा के पक्ष में क्या रहा। पार्टी को विश्लेषण करना चाहिए कि उसके सदस्य क्यों छोड़ रहे हैं...।’