विदेश गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गल्फ देशों के सामने पड़ोसी पाकिस्तान को बेनकाब किया। चार देशों के दौरे पर गए ओवैसी ने गल्फ देशों को बताया कि पड़ोसी मुल्क कई वर्षों से भारत में आतंकवाद फैला रहा है। अपने संबोधन में ओवैसी ने पहलगाम आतंकी हमले से पहले 15 अप्रैल को पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर की ओर से दिए गए भड़काऊ भाषण का भी जिक्र किया।
एआईएमआईएम सांसद ओवैसी ने बुधवार को कहा कि हम चार देशों के दौरे पर गए थे। वहां हमने भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने बताया कि ये सभी देश इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के सदस्य हैं, और इनमें से तीन देश खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के भी सदस्य हैं।
कई वर्षों से भारत में आतंकवाद फैला रहा पाकिस्तान
ओवैसी ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने इन देशों के साथ बातचीत की और उन्हें बताया कि पाकिस्तान कई वर्षों से भारत में आतंकवाद फैला रहा है। ओवैसी ने बताया कि इस दौरान पहलगाम हमले पर ध्यान केंद्रित किया गया। उन्हें बताया कि जिस संगठन 'प्रतिरोध मोर्चा' ने यह हमला किया, वह कोई नया संगठन नहीं है, जो 22 अप्रैल को बना हो। असल में यह पहले से मौजूद लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की नया नाम है। भारत पहले ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1262 में यह बात कह चुका है।
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पाकिस्तान के मुस्लिम देश होने के दावे की भी पोल खोली
ओवैसी ने आगे कहा कि ये सभी देश आतंकवाद को लेकर चिंतित थे। उन्होंने पाकिस्तान के मुस्लिम देश होने के दावे की भी पोल खोली। ओवैसी ने कहा, 'हमने उन्हें याद दिलाया कि पाकिस्तान मुस्लिम देश होने का झूठा दावा करता है। मैंने उन्हें कई जगहों पर याद दिलाया कि भारत में 24 करोड़ मुसलमान रहते हैं, इसलिए पाकिस्तान का यह तर्क पूरी तरह से गलत है।
पहलगाम घटना के बारे में भी दी जानकारी
ओवैसी ने कहा कि गल्फ देशों को हमने पहलगाम हमले के बारे में भी जानकारी दी। उन्हें बताया कि कैसे पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने धर्म पूछकर लोगों की गोली मारकर हत्या की। ओवैसी ने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान को फिर से एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत के पास पाकिस्तान के खिलाफ बहुत मजबूत सबूत हैं।
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हमें इन देशों की फिर से मदद की जरूरत
ओवैसी ने आगे कहा कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल जिन चार देशों के दौरे पर गया था, उन्होंने 2018 में पाकिस्तान को एफएटीएफ की ग्रे सूची में वापस लाने में भारत की मदद की थी। उन्होंने बताया कि ये देश मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (MENAFATF) से जुड़े हैं। हमें इन देशों की फिर से मदद की जरूरत है, क्योंकि भारत अब फिर से पाकिस्तान को FATF की निगरानी में लाने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है।
आतंकवाद का मूल कारण अवैध धन
ओवैसी ने आगे कहा कि आतंकवाद का मूल कारण अवैध धन है। इसलिए उस पर निगरानी की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि पोलियो नाम की बीमारी आज सिर्फ अफगानिस्तान और पाकिस्तान में बची है। पाकिस्तान में 40 फीसदी लोग गरीबी में जी रहे हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर पैसा कहां जा रहा है।
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