ऑल इंडिया मजलिस--इत्तेहादुल मुस्लमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पहले ऐलान किया था कि उनकी पार्टी कर्नाटक चुनाव लड़ेगी। मगर अब वह पीछे हट गए हैं। सूत्रों के अनुसार पार्टी को लगता है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेने से धर्मनिरपेक्ष दलों को नुकसान पहुंच सकता है। माना जाता है कि कर्नाटक के कुछ इलाकों में पार्टी की पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है और इसकी क्षेत्रीय इकाई ने चुनाव के मद्देनजर उम्मीदवारों की लिस्ट भी तैयार कर ली थी।
अतीत में ओवैसी ने विभिन्न मौकों पर संकेत दिए थे कि उनकी पार्टी योग्य उम्मीदवारों को चुनकर चुनाव लड़ेगी। मगर पार्टी के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने पार्टी के नेताओं संग कई बार सलाह-मशविरा करने के बाद चुनाव ना लड़ने का फैसला किया है। यह फैसला नामांकन से कुछ ही हफ्ते पहले लिया गया है। कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों पर 12 मई को मतदान होने हैं और 15 मई को गणना की जाएगी। इस चुनाव में कांग्रेस, भाजपा और जेडीएस के बीच कड़ा मुकाबला है।
हाल ही में ओवैसी ने प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी द्वारा उपवास रखने को लेकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी अपने झूठे वादों के लिए उपवास क्यों नहीं करते। क्या वो उन किसानों की मौत के लिए उपवास पर बैठेंगे जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी रोजगार उपलब्ध न करवाने और दलितों पर अत्याचार करवाने के लिए उपवास पर बैठेंगे। आपको बता दें कि 9 अप्रैल को दलितों पर अत्याचार के खिलाफ राहुल गांधी राजघाट पर उपवास पर बैठे थे, जिसके बाद बीजेपी ने राहुल के उपवास को उपहास बताया था।