पठान के खिलाफ पुणे और मुंबई में शिकायत दर्ज कराई गई है। इस बीच, एआईएमआईएम चीफ और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पठान के बयान पर नाराजगी जताते हुए उन्हें फटकार लगाई है। भड़काऊ बयान पर पार्टी की किरकिरी के बाद ओवैसी ने पठान के मीडिया से बात करने पर रोक लगा दी।
उन्हें सार्वजनिक तौर पर कोई बयान देने से रोक दिया गया है। दूसरी ओर, भाजपा ने पूछा है कि कथित उदारवादी पठान के बयान पर चुप क्यों हैं? इनके हाथों में संविधान है, लेकिन दिल में वारिस पठान।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, पठान का विवादित बयान दर्शाता है कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी प्रदर्शनों की आड़ में साजिश रची जा रही है।
महिलाएं, जो सीएए के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग में धरने पर बैठी हैं, उन्हें हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। दरअसल, एआईएमआईएम के प्रवक्ता पठान ने 16 फरवरी को कर्नाटक के कलबुर्गी में सीएए विरोधी रैली में कहा था कि देश के 15 करोड़ मुस्लिम 100 करोड़ पर भारी हैं।
विवाद बढ़ने पर पठान ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा, ‘मेरे बयान को बिल्कुल गलत तरीके से लिया गया। मैं या मेरी पार्टी ऐसा कुछ नहीं कह सकती, जो किसी जाति या धर्म की भावनाओं को आहत करे।’