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विपक्ष में पड़ी दरार के बीच 2019 लोकसभा चुनावों के लिए AAP कर रही तैयारी

Wed, 16 Aug 2017 12:49 PM IST
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम
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विपक्ष की एकता में पड़ी दरार के बीच बीजेपी के खिलाफ एकजुट हुए गठबंधन को 2019 के चुनावों के लिए जहां कोई बड़ा चेहरा नजर नहीं आ रहा है वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी राज्यों के चुनावों से अलग लोकसभा चुनावों की तैयारियों में जुट गई है।
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हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस साल की शुरुआत से तल्खी से अलग आम आदमी पार्टी ने चुपचाप राज्यों में अपने संगठन को मजबूती में जुटी हुई है। आप का लक्ष्य 2019 के चुनावों के मद्देनजर राज्यों में पार्टी के संगठन को मजबूती देना है।

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फंड की कमी से जूझ रही आप की महत्वकांक्षाएं लोकसभा चुनावों में मजबूती के साथ उतरने की हैं। अपने हठ को पूरा करने के लिए पार्टी ने बूथ लेवल पर अपने वॉलेन्टियर्स की संख्या को भी बढ़ाना शुरू कर दिया है।
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सिर्फ राज्यों के चुनाव लड़ना ही जरूरी नहीं

आप के आधिकारिक प्रवक्ता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने अंग्रेजी अखबार मेल टुडे से बातचीत में बताया कि पार्टी के संगठनात्मक विस्तार के लिए सिर्फ राज्यों के चुनाव लड़ना ही जरूरी नहीं है, बल्कि जमीनी तौर पर संगठन को मजबूत करना और फंड जुटाना भी जरूरी है। अगर हम गुजरात और हिमाचल के चुनावों में हिस्सा नहीं लेते हैं तो इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि हमारे पास फंड की कमी है।

वहीं विधायक और दक्षिण भारतीय राज्यों के इंचार्ज सोमनाथ भारती कहते हैं कि हमारे संसाधन बहुत कम है, इसके बावजूद हमें खूब सहयोग मिल रहा है। हमारी किसान न्याय यात्रा को सभी राज्यों में भरपूर सहयोग मिल रहा है।

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शनिवार को गुंटूर में हुई हमारी रैली में कई पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों ने हिस्सा लिया। सोमनाथ ने ये भी कहा कि जिन राज्यों को मैं इंचार्ज हूं वहां पार्टी संगठनात्मक रूप से मजबूती के साथ बढ़ रही है।
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बीजेपी के गढ़ में मिल रहा जबर्दस्त सपोर्ट

- फोटो : अमर उजाला
पिछले साल ओडिशा में हुई रैली के बाद हमारे संगठन में वहां 10 हजार से ज्यादा सक्रिय कार्यकर्ताओं की बढ़ोत्तरी हुई है। हमें बीजेपी के गढ़ कहे जाने वाले वालंगीर में मजबूत सहयोग देखने को मिल रहा है।

नक्सल एरिया जिसमें रायगढ़, और आदिवासी क्षेत्र शामिल हैं वहां भी हमें लोगों का सहयोग मिल रहा है। ओडिशा के ऑफ ऑब्जर्वर खेमचंद जागीरदार कहते हैं कि दिसंबर में अरविंद केजरीवाल ने एक बड़ी रैली में कहा था कि भविष्य में संगठन विस्तार के लिए हमारा लक्ष्य फंड और कार्यकर्ताओं की संख्या को बढ़ाना है। बीजेपी के साथ जदयू के गठबंधन के बाद पार्टी की महत्वकांक्षाएं और बढ़ गई हैं।

सोमनाथ भारती ने कहा है कि अगर ईमानदारी की राजनीति की बात आती है तो आप इकलौते विकल्प के रूप में सामने आएगी। हम एक बेहतर विकल्प के रूप में जनता के सामने आना चाहते हैं। यही वजह है कि पार्टी फिलहाल अपने संगठन की मजबूती के लिए फंड बढ़ाने के मॉडल पर काम कर रही है।
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