हिजबुल्ला के हसन नसरल्लाह के उत्तराधिकारियों को मार गिराए जाने के इस्राइल के एलान के बाद भारत में लेबनान के राजदूत रबी नर्श ने बड़ी बात कही। उन्होंने महात्मा गांधी के कथनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हिजबुल्ला एक वैध राजनीतिक दल है। इसे लोगों का समर्थन है। लोग इसे बहुत ही पसंद करते हैं। इसे खत्म नहीं किया जा सकता।
राजदूत ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा कि मुझे महात्मा गांधी के कथन याद आ रहे हैं। उन्होंने कहा था- आप एक क्रांतिकारी को मार सकते हैं, लेकिन आप क्रांति को नहीं मार सकते। आप हिजबुल्ला के नेताओं को खत्म कर सकते हैं, लेकिन आप हिजबुल्ला को खत्म नहीं कर सकते, क्योंकि ये छिपकर नहीं रहते हैं। यह कोई काल्पनिक संरचना नहीं है जो पैराशूट से लेबनान में आई है।
इस्राइल के खिलाफ एक आंदोलन का प्रतीक
रबी नर्श ने कहा कि हिजबुल्ला इस्राइल के खिलाफ एक आंदोलन का प्रतीक है। इस आंदोलन को उसके नेताओं को खत्म करके कुचला नहीं जा सकता। इससे पहले इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को एक वीडियो पोस्ट में कहा था कि उनके देश की सेनाओं ने हाल में मारे गए हिजबुल्ला नेता सैयद हसन नसरल्ला के संभावित उत्तराधिकारियों को प्रभावी ढंग से निशाना बनाया और उनका खात्मा कर दिया।
1985 में अस्तित्व में आया था हिजबुल्ला
हिजबुल्ला औपचारिक रूप से लेबनान पर इस्राइली आक्रमण का विरोध करने के लिए 1985 में अस्तित्व में आया था। राजदूत ने कहा कि हिजबुल्ला लेबनान में स्थापित राजनीतिक व्यवस्था के अंतर्गत काम करता है। यह एक राजनीतिक दल है, जिसका प्रतिनिधित्व मंत्रिमंडल और संसद दोनों में है। उन्होंने बताया कि हिजबुल्ला की एक सशस्त्र शाखा भी है।
2100 से अधिक लोग मारे गए, 11000 घायल
लेबनान के राजदूत ने कहा कि इस्राइल के इस युद्ध में उन्नत हथियार और प्रतिबंधित युद्ध सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। इस युद्ध के कारण 2,100 से अधिक लोग मारे गए हैं, 11,000 घायल हुए हैं। 22 लाख लोग विस्थापित होने को मजबूर हुए हैं। इससे लेबनान में गंभीर मानवीय स्थिति उत्पन्न हो गई है।
स्थिति और बिगड़ती जा रही
राजदूत ने कहा कि स्थिति और बिगड़ती जा रही है और यह एक व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की ओर बढ़ रही है। दुर्भाग्य से हम संघर्ष के इस संकटपूर्ण चरण का सामना कर रहे हैं, क्योंकि इस्राइल को उसकी आपराधिक नीतियों, युद्ध अपराधों और अपने पड़ोसियों के खिलाफ विस्तारवादी कार्रवाइयों के लिए जवाबदेह नहीं ठहराया गया है।
भारत सहित विश्व के देशों से किया आग्रह
नर्श ने कहा कि लेबनान पिछले वर्ष अक्तूबर से ही भारत सहित विश्व के देशों से आग्रह कर रहा है कि संघर्ष को क्षेत्रीय युद्ध में बदलने से रोका जाए। इस्राइल के हमलों में वृद्धि के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि फ्रांस इस महीने लेबनान के लिए मानवीय सहायता जुटाने और उसके दक्षिणी क्षेत्रों में सुरक्षा में सुधार लाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
भारत से लेबनान के लिए चिकित्सा आपूर्ति की व्यवस्था कर रहे
राजदूत ने कहा कि हम वर्तमान में भारत से लेबनान के लिए चिकित्सा आपूर्ति की व्यवस्था कर रहे हैं, जिसमें दवाइयां और चिकित्सा उपकरण शामिल हैं। उन्होंने भारत से अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का पालन करने के लिए इस्राइल पर अधिक दबाव डालने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू बेकाबू हो गए हैं। वह हत्या और विनाश की होड़ में लगे हुए हैं, जो बहुत खतरनाक है। किसी को नेतन्याहू को रोकना होगा।