सरकार ने मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन का कार्यकाल 2 साल और बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे वो अपने पद पर 2019 तक बने रहेंगे। अरविंद ने अक्टूबर 2014 में 3 साल के लिए ये पदभार संभाला था।
वित्त मंत्री अरुण जेटली के दाहिने हाथ कहे जाने वाले सुब्रमण्यन का गुड्स एंड सर्विसेस एक्ट के लिए योगदान काफी महत्वपूर्ण रहा है। इसके अलावा उन्होंने 31 जनवरी को आर्थिक सर्वे का उद्घाटन किया था। नोटबंदी के दौरान सुब्रमण्यन ने इस बात पर सर्वे किया था कि नोटबंदी का जीडीपी वृद्धि पर प्रभाव अस्थाई है।
आपको बता दें कि रघुराम राजन के रिजर्व बैंक का गवर्नर बनने के बाद सितंबर 2013 से ही मुख्य आर्थिक सलाहकार का पद खाली था। जिसके बाद 2014 में अरविंद सुब्रमण्यन को मुख्य आर्थिक सलाहकार बनाया गया था।