भाजपा का आरोप है कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में यह लिखित जानकारी दी है कि 2010 से 2019 के बीच सिर्फ 1931 झुग्गी में रहने वाले लोगों को सरकार की तरफ से मकान उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि अपने चुनावी पैंफलेट में वे यह दावे कर रहे हैं कि दिल्ली के दस हजार लोगों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। इस तरह आम आदमी पार्टी का यह दावा पूरी तरह झूठा है।
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने सदन में उनके द्वारा उठाए गए एक सवाल के उत्तर में यह बात कही थी, जबकि अब वे दस हजार मकान देने के दावे कर रहे हैं। गुप्ता के मुताबिक, जबकि सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री आवास विकास योजना के अंतर्गत 2014 से 2019 में, अब तक दो करोड़ मकान गरीब लोगों को दिये गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल की हठधर्मिता के कारण यह लाभ दिल्ली के लोगों को नहीं मिल पाया है। हालत यह है कि लगभग दस हजार मकान तैयार खड़े हैं लेकिन अभी भी यह गरीबों को नहीं दिया जा सका है।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि किसी अच्छे परिवार के लोगों को भी उस समय परेशानी खड़ी हो जाती है जब उनके परिवार के किसी सदस्य की बीमारी में लाख-दो लाख रुपये का खर्च आ जाता है, लेकिन अरविंद केजरीवाल की वजह से आयुष्मान योजना को दिल्ली में लागू न करने के कारण यही लाभ दिल्ली के लोगों को नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि गरीब सवर्णों को दस फीसदी आरक्षण का लाभ भी केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों को नहीं लेने दिया। इसी से साफ जाहिर होता है कि उनकी पूरी कोशिश अपनी राजनीति को चमकाने में ज्यादा रहती है, दिल्ली के लोगों का भला करने में नहीं।