दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि अगर सरकार वैक्सीन उपलब्ध कराए तो वे पूरी दिल्ली को वैक्सीन लगाने के लिए तैयार हैं। इसके लिए केंद्र से ज्यादा वैक्सीन उपलब्ध कराने और टीका लगाने संबंधी नियमों में कुछ ढील देने की जरूरत पड़ेगी।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब कोरोना टीका लगाने के लिए उम्र संबंधी नियमों में छूट दे देनी चाहिए। दिल्ली केवल तीन महीने के अंदर अपने सभी नागरिकों को टीका लगाने के लिए सक्षम है। अभी केवल 60 वर्ष से ऊपर या 45 वर्ष से ऊपर किसी बीमारी से पीड़ित रहे व्यक्ति को ही टीका लगाने की श्रेणी में शामिल किया गया है।
गुरुवार को मीडिया को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरे देश की तुलना में राजधानी दिल्ली में कोरोना मरीजों की संख्या काफी कम है। प्रतिशत के लिहाज से पूरे देश में यह बहुत कम है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के पास बीमारी से निबटने के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं और किसी को घबराने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन जब तक कोरोना संक्रमण का खतरा बना हुआ है, लोगों को शारीरिक दूरी बनाए रखने और मास्क पहनने संबंधी नियमों का पालन करना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि इस समय दिल्ली में 40 हजार लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है, लेकिन अब यह क्षमता बढ़ाकर 1.25 लाख कर दी जाएगी।
कोरोना टीका लगाने के लिए अभी उपलब्ध 500 टीका केंद्रों की संख्या बढ़ाकर एक हजार कर दी जाएगी और लोग सुबह नौ बजे से लेकर रात के नौ बजे तक अपनी सुविधा के अनुसार सही समय पर टीका लगवा सकेंगे। इससे तेजी से लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा सकेगा और दिल्ली को बीमारी के संक्रमण से बचाया जा सकेगा।
केजरीवाल ने लोगों से अपील की कि वे कोरोना के टीका के संदर्भ में कोई शंका न पालें। यह पूरी तरह सुरक्षित है और उन्होंने स्वयं अपने परिवार के साथ जाकर टीका लगवाया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी बहकावे में न आएं और जैसे ही उनको अवसर मिले, कोरोना का टीका अवश्य लगवाएं।
उन्होंने कहा कि हमने शुरूआती दौर में कोरोना को कंट्रोल करने में बड़ी सफलता हासिल की है, अगर किसी कारण दुबारा उसकी चपेट में आते हैं तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और कोरोना संबंधी नियमों का पालन करें।