दिल्ली के गाजीपुर सब्जी मंडी में कचरे से बिजली बनाने के संयंत्र की शुरूआत हो गई है। मुर्गा मंडी में स्थित इस 'वेस्ट टू पॉवर प्लांट' में रोजाना लगभग 15 टन कूड़े की खपत हो सकेगी, जिससे लगभग 1500 यूनिट बिजली का प्रतिदिन उत्पादन हो सकेगा। इसका उपयोग मंडी की जरूरतों के लिए किया जाएगा।
इस तरह के प्लांट लगाने से एक तरफ तो कचरे से मुक्ति मिलेगी, वहीं इससे बिजली का उत्पादन होगा जो लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए बेहद आवश्यक है। बाद में इस प्लांट की क्षमता बढ़ाने और दिल्ली में कई अन्य जगहों पर भी कुछ नए प्लांट्स लगाने की योजना बनाई जा रही है।
गाजीपुर सब्जीमंडी के पास स्थित मुर्गामंडी में इस वेस्ट टू पॉवर प्लांट लगाने के समय दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कचरा किसी भी समाज की बड़ी समस्या होती है, लेकिन इसे भी उपयोगी बनाकर इसका दोहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कचरे का निस्तारण नहीं किया जाएगा तो कचरे का पहाड़ खड़ा हो जाएगा जिसका निदान करना संभव नहीं होगा।
लेकिन अगर दिल्ली में जगह-जगह पर इसी प्रकार के वेस्ट टू पॉवर प्लांट्स लगा दिए जाते हैं तो कचरे का उत्पादन समस्या की बजाय वरदान बन जाएंगे क्योंकि बिजली की आवश्यकता हमेशा बनी रहने वाली है। उन्होंने कहा कि दिल्ली को इस समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए जगह-जगह पर अनेक ऐसे ही प्लांट्स की आवश्यकता है और दिल्ली सरकार इसे लगाने की पहल करेगी।
इस अवसर पर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि जहां भी मनुष्य रहता है, वहां स्वाभाविक तौर पर कचरे का उत्पादन होता है। लेकिन अगर इसे एक अच्छे कार्य के लिए उपयोग किया जा सके तो यह समस्या भी लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदूषण के विरुद्ध युद्ध का एलान किया है और यह प्लांट भी उसी दिशा में उठाया गया एक महत्त्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इसी योजना के तहत दिल्ली में रेड लाइट पर गाड़ी को ऑफ करने, पेड़ लगाने, ई-बसों को चलाने और हाइड्रोजन ईंधन पर आधारित वाहनों को चलाने जैसे अनेक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के ऐसे ही अनेक कदमों से आने वाले दिनों में राजधानी के लोगों को प्रदूषण से मुक्ति मिल सकेगी।