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Arvind Kejriwal: 'सीएम केजरीवाल से पूरी तरह निराश'; आंदोलन के साथी पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज संतोष हेगड़े का बयान

Fri, 22 Mar 2024 03:29 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद उनके राजनीतिक सहयोगियों में आक्रोश है। उनका साथ छोड़ चुके कई लोगों ने भी निराशा प्रकट की है। हालांकि, कुछ लोग केजरीवाल से निराश भी हैं। आंदोलन के दिनों में केजरीवाल के साथ रहे पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज संतोष हेगड़े ने कहा कि वे केजरीवाल से निराश हैं।
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सीएम केजरीवाल और जस्टिस (रिटायर्ड) संतोष हेगड़े (फाइल) - फोटो : ani
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विस्तार
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ईडी की गिरफ्त में हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सियासी उबाल दिख रहा है। लोकसभा चुनाव 2024 में पहले चरण के मतदान से केवल 29 दिन पहले उनकी गिरफ्तारी की टाइमिंग पर कई लोग सवाल खड़े कर रहे हैं। सियासत में सहयोगी दलों और अन्य नेताओं ने उनकी गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध बता रहे हैं। इसी बीच पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज न्यायमूर्ति (रिटायर्ड) संतोष हेगड़े ने केजरीवाल से निराश होने की बात कह रहे हैं। उन्होंने केजरीवाल के साथ आंदोलन के शुरुआती दिनों में भरपूर सहयोग किया था। केजरीवाल और हेगड़े, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू- इंडिया अगेंस्ट करप्शन नाम के मूवमेंट में साथ काम कर चुके हैं।
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हेगड़े भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल भी रह चुके हैं। इसके बाद उन्होंने देश की सर्वोच्च अदालत में न्यायाधीश के रूप में भी सेवाएं दीं। उत्पाद शुल्क नीति से जुड़े धन शोधन मामले में केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद पूर्व न्यायमूर्ति संतोष हेगड़े ने कहा, 'यह साफ दिखाता है कि जब आप सत्ता में होते हैं तो लालच आप पर हावी हो जाता है।' उन्होंने कहा, 'मैं पूरी तरह से निराश हूं। मैंने सोचा था कि आम आदमी पार्टी सत्ता में आने के बाद प्रशासनिक निष्पक्षता बरकरार रखेगी। हालांकि, हकीकत ऐसी नहीं है। बकौल हेगड़े, 'यह दिखाता है कि सत्ता भ्रष्ट करती है और प्रचंड बहुमत वाली सत्ता (absolute power) बिल्कुल भ्रष्ट करती है।'

पूर्व न्यायाधीश जस्टिस हेगड़े कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त भी रह चुके हैं। उन्होंने लंबे समय बाद केजरीवाल से जुड़ी प्रतिक्रिया देने के मामले में कहा, आज की राजनीति भ्रष्टाचार का अड्डा है। कोई भी राजनीतिक दल इससे अछूता नहीं है। इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन प्रशासन में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहा था।
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उन्होंने कहा, 'हमारा सिद्धांत था कि हम राजनीति से दूर रहकर स्वच्छ राजनीति करने की कोशिश करेंगे।' हालांकि, लोगों के एक समूह ने फैसला किया कि हमें राजनीति में प्रवेश करना चाहिए। मैंने आम आदमी पार्टी के बारे में कभी नहीं सोचा था कि यह सफलतापूर्वक किया जा सकता है। मुझे लगता है कि AAP में आज जो हो रहा है, वह इसका केवल एक उदाहरण है। बकौल हेगड़े, 'केजरीवाल उन्हें पार्टी में शामिल होने का निमंत्रण देने घर आए थे लेकिन वह नहीं माने।'

गौरतलब है कि हेगड़े एक दशक से भी अधिक समय पहले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के नेतृत्व में शुरू हुए, 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन में सक्रिय भूमिका में दिखे थे। इसमें केजरीवाल, देश की पहली महिला आईपीएस किरण बेदी समेत कई दिग्गज हस्तियों ने भाग लिया था। बाद में केजरीवाल राजनीतिक दल आम आदमी पार्टी (AAP) बनाकर सियासी चौसर पर उतर आए। नतीजतन हेगड़े समेत कई लोगों ने उनका साथ छोड़ दिया।

राजनीतिक प्रतिशोध के साथ कार्रवाई के आरोप पर हेगड़े ने कहा, 'विपक्षी राजनीतिक पार्टियों का आरोप है कि सत्तारूढ़ दल केवल विपक्ष को नष्ट करने के लिए सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहा है। हालांकि, वे इससे पूरी तरह सहमत नहीं हैं। बकौल हेगड़े, 'मैं इस पर विश्वास नहीं करता। हां, चुनिंदा रूप से विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई हो रही है, यह सही है, लेकिन इस आधार पर अपराध बिल्कुल भी नहीं है, कहना भी गलत है। उन्होंने कहा कि देश के आपराधिक न्यायशास्त्र में संविधान के अनुच्छेद 14 में वर्णित समानता का आधिकार लागू नहीं होता।

हेगड़े ने कहा कि जब दूसरी राजनीतिक पार्टियां सत्ता में आएंगी, तो भाजपा के खिलाफ ऐसी ही कार्रवाई होगी। उन्होंने पूछा कि क्या उस समय इंसाफ पूरा मिला, ऐसा माना जाएगा? अगर आज विपक्ष के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी तो आने वाले समय में भी दागियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। फिलहाल, कम से कम 50 फीसदी न्याय हो रहा है। आगामी चुनाव में मतदाताओं की भूमिका पर हेगड़े ने कहा, आने वाले चुनाव में हर योग्य मतदाता को वोट डालने चागिए।
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