मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदूहोमा
- फोटो : अमर उजाला
मिजोरम के मुख्यमंत्री ने गहन आईईसी और एचआईवी टेस्ट ड्राइव अभियान की शुरुआत की
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदूहोमा ने मंगलवार को सूचना एवं जनसंपर्क सभागार में गहन आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) अभियान और एचआईवी टेस्ट ड्राइव अभियान 2025 का औपचारिक शुभारंभ किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री पी लालरिनपुई मुख्य अतिथि के रूप में तथा मंत्री बी लालछानजॉवा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
लोग सावधानी नहीं बरत रहेः सीएम
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार एचआईवी संक्रमण हो जाने पर इसका कोई इलाज नहीं है, इसलिए बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है। इसके लिए जरूरी है कि हर व्यक्ति अच्छी तरह से जागरूक हो और यह जागरूकता दूर-दराज के गांवों और सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचे। मिजोरम में एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता का स्तर भले ही ऊंचा है, लेकिन संक्रमण की दर अब भी अधिक है, जो दर्शाता है कि लोग पूरी तरह से सावधानी नहीं बरत रहे हैं।
वर्ष 2024–25 के आंकड़ों के अनुसार, 68.13% नए एचआईवी मामले यौन संबंधों से और 29.25% मामले नशीले पदार्थों के इंजेक्शन के दौरान सुई साझा करने से आए हैं। मिजोरम में कुल 97.38% संक्रमण का कारण असुरक्षित यौन संबंध और नशीले पदार्थों का इंजेक्शन है। आईसीटीसी परामर्शदाताओं के अनुसार, अधिकांश संक्रमित लोग संचरण के तरीके और बचाव के उपाय जानते हैं, लेकिन जोखिम भरे व्यवहार बदलने के लिए तैयार नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से मानसिकता बदलने, नशे और असुरक्षित यौन संबंधों से बचने तथा संक्रमित लोगों से जिम्मेदारी के साथ दूसरों को संक्रमण से बचाने की अपील की।
ये भी पढ़ें:- Arunachal Pradesh: राज्यपाल ने किया तिरंगा महोत्सव का किया शुभारंभ, मुख्यमंत्री ने लोगों को तिरंगा भेंट किए
वाईएमए से सीएम ने की अपील
उन्होंने ग्राम नेताओं से स्वास्थ्य कर्मियों को सहयोग देने और यंग मिजो एसोसिएशन (वाईएमए) से गांवों और कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता फैलाने का आग्रह किया, विशेष रूप से असुरक्षित यौन संबंध और नशीली दवाओं के इंजेक्शन जैसे दो मुख्य कारणों से बचने पर, जो ईसाई मूल्यों के विपरीत हैं।
राज्य में एचआईवी/एड्स अब भी गंभीर चिंता का विषयः स्वस्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री पी लालरिनपुई ने कहा कि एचआईवी/एड्स मिजोरम के लिए अब भी गंभीर चिंता का विषय है। मुख्य कारण ज्ञात होने के बावजूद कुछ लोग जोखिम भरे व्यवहार में लिप्त रहते हैं। उन्होंने सभी से अपने एचआईवी स्टेटस की जांच कराने और बचाव उपायों को अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आयुक्त-सचिव एच लालेंगमाविया ने की और प्रार्थना रेवसी लालहंगलियाना ने कराई। परियोजना निदेशक, एमएसएसीएस डॉ. जेन रिनसांगी राल्टे ने राज्य में एचआईवी/एड्स की स्थिति पर जानकारी दी।