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India-China: चीन की अरुणाचल के 11 स्थानों को अपना बताने पर एनसीपी का निशाना, कहा- आखिर चुप क्यों हैं रिजिजू

Wed, 05 Apr 2023 06:14 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने कहा कि रिजिजू नाम बदलने के मामले पर चुप क्यों हैं, क्या वह बोलने से डरते हैं। उन्होंने कहा कि रिजिजू को एक सांसद के रूप में भी अपने कर्तव्य पर ध्यान देना चाहिए।
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केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने बुधवार को अरुणाचल प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रिजिजू आखिर चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगहों के नाम बदलने पर चुप क्यों हैं। दरअसल, बीजिंग ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में 11 स्थानों के लिए चीनी नामों की घोषणा की, जो पड़ोसी देश तिब्बत के दक्षिणी भाग के रूप में होने का दावा करता है।

क्या रिजिजू बोलने से डर रहे

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राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने कहा कि रिजिजू नाम बदलने के मामले पर चुप क्यों हैं, क्या वह बोलने से डरते हैं। उन्होंने कहा कि रिजिजू को एक सांसद के रूप में भी अपने कर्तव्य पर ध्यान देना चाहिए। वह अरुणाचल प्रदेश से सांसद हैं ऐसे में उनका कर्तव्य है कि चीन द्वारा इन स्थानों के नामकरण पर सबसे पहले प्रतिक्रिया दें। साथ ही चीन के सभी गलत कामों पर राज्य को आवाज उठानी चाहिए।

यह है मामला

गौरतलब है, चीन अपनी चालबाजी से कभी बाज नहीं आता। अब उसने भारतीय राज्य अरुणाचल प्रदेश 11 स्थानों के नाम बदलने की कोशिश की है। उसने ये नाम चीनी, तिब्बती और पिनयिन भाषाओं में जारी किए हैं। ड्रैगन का ये कदम तब आया है, जब भारत ने हाल ही में सीमावर्ती राज्य अरुणचाल प्रदेश में जी20 कार्यक्रमों की शृंखला के तहत एक अहम बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में चीन शामिल नहीं हुआ था। 

अरुणाचल के मुद्दे पर अभी क्या हुआ?

चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने रविवार को अरुणाचल प्रदेश के लिए 11 स्थानों के मानकीकृत नाम जारी किए। ड्रैगन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी चीन का हिस्सा बताता है और इसे जांगनान कहता है। सरकार के नियंत्रण वाले अखबार ग्लोबल टाइम्स ने सोमवार को खबर में कहा कि मंत्रालय ने रविवार को 11 स्थानों के 'आधिकारिक' नाम जारी किए हैं। इनमें दो भूमि क्षेत्र, दो रिहायशी इलाके, पांच पर्वत चोटियां और दो नदियां शामिल हैं। यहां तक कि सूची में अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर के करीब एक शहर भी शामिल है।

क्या पहले भी नाम बदलने का प्रयास कर चुका चीन? 

यह पहली बार नहीं है जब चीन ने भारतीय क्षेत्रों के नाम बदलकर इन्हें अपना बताने की कोशिश की हो। चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय द्वारा अरुणाचल प्रदेश के लिए जारी मानकीकृत भौगोलिक नामों की यह तीसरी सूची है। इससे पहले अरुणाचल में छह स्थानों के मानकीकृत नामों का पहला बैच 2017 में जारी किया गया था। यह घोषणा 2017 में दलाई लामा के अरुणाचल दौरे के कुछ दिनों बाद हुई थी। तब चीन ने तिब्बती आध्यात्मिक नेता की यात्रा पर भी आपत्ति जताई थी। वहीं, 15 स्थानों का दूसरा बैच 2021 में जारी किया गया था।

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