अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल केटी परनाइक ने राज्य के सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की इस दौरान उन्होंने सीमा पर बाड़बंदी और मजबूत आईएलपी सिस्टम पर जोर दिया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य पुलिस की सराहना करते हुए उनसे चौकसी बनाए रखने और शांति व विकास के लिए सक्रिय कदम उठाने को कहा।
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) केटी परनाइक ने शुक्रवार को राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सीमा पर बाड़बंदी और इनर लाइन परमिट (आईएलपी) सिस्टम को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अरुणाचल की संवेदनशील भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह कदम रणनीतिक, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक दृष्टि से बेहद अहम हैं।
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सीमा बाड़बंदी से घुसपैठ पर लगेगी रोक- केटी परनाइक
राजभवन में हुई बैठक में राज्यपाल केटी परनाइक ने कहा कि मजबूत सीमा बाड़बंदी से घुसपैठ, हथियारों की तस्करी, नशे के कारोबार और उग्रवादियों की आवाजाही पर रोक लगेगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावी बाड़बंदी भारत की सीमा को स्पष्ट रूप से चिन्हित करने में मदद करेगी और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और स्थिरता बढ़ाएगी, जिससे वहां विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
आईएलपी सिस्टम को भी और कड़ा करने की जरूरत- परनाइक
राज्यपाल ने आईएलपी सिस्टम को भी और कड़ा करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम राज्य के मूल निवासियों के अधिकारों और संस्कृति की रक्षा करता है। आईएलपी के जरिए अरुणाचल में बाहर से आने वालों की एंट्री नियंत्रित की जाती है, जिससे राज्य की जनसंख्या संतुलन बना रहता है और आंतरिक सुरक्षा भी मजबूत होती है। राज्यपाल परनाइक ने कहा कि आईएलपी से बाहरी लोगों की निगरानी और ट्रैकिंग करना आसान होता है, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलती है।
राज्यपाल ने समर्पण नीति और आंतरिक सुरक्षा की भी समीक्षा की
इस बैठक के दौरान राज्यपाल ने राज्य की समर्पण नीति (सरेण्डर पॉलिसी) और आंतरिक सुरक्षा की मौजूदा स्थिति की भी समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक में गृह मंत्री मामा नाटुंग, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेक किशोर और पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) चुकू आपा शामिल हुए। इन अधिकारियों ने राज्यपाल को भारत-म्यांमार सीमा पर हो रही बाड़बंदी, आईएलपी व्यवस्था और अन्य सुरक्षा मामलों की प्रगति की जानकारी दी।