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तीन करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए हुई थी टीवी कंपनी के मालिक की हत्या, डॉक्टर दोस्त ने रची थी साजिश

Thu, 05 Dec 2019 05:53 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • तीन करोड़ का प्लॉट हड़पने के लिए अपराधियों को दी गई थी 25 लाख की सुपारी    
  • सुप्रीम कोर्ट ने अरुण शर्मा के पक्ष में सुना दिया था फैसला, होनी थी तामील
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विस्तार
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टेलीविजन बनाने वाली एक कंपनी के मालिक अरुण कुमार शर्मा की हत्या की साजिश का पर्दाफाश हो गया है। पुलिस के मुताबिक अरुण कुमार शर्मा की हत्या तीन करोड़ रुपये की एक प्रॉपर्टी विवाद के कारण की गई थी। शर्मा की हत्या उनके ही एक करीबी डॉक्टर दोस्त ने करवाई थी जो इस जमीन को हड़पना चाहता था। पुलिस जांच के मुताबिक इस प्रॉपर्टी के लिए अरुण कुमार शर्मा और उनके दोस्त के बीच अदालती विवाद हुआ था, लेकिन अंततः सुप्रीम कोर्ट ने फैसला अरुण कुमार शर्मा के पक्ष में सुनाया था।

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अब इस फैसले को लागू करवाने का समय आ गया था। अपने मकसद में कामयाब न हो पाने के कारण डॉक्टर ने अपने बेटे और तीन अन्य के साथ मिलकर साजिश रची और कैलाश कालोनी से अरुण शर्मा का अपहरण करवाकर हत्या करवा दी। पुलिस ने घटना में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

क्या था पूरा मामला?

दरअसल, टेलीविजन कंपनी टेलीविस्ता (TELEVISTA) के मालिक अरुण कुमार शर्मा दिल्ली के कैलाश कालोनी में शिफ्ट होने से पहले गुरुग्राम में रहा करते थे। वहां पर एक डॉक्टर रिषी राजपाल सिंह चौहान से उनकी अच्छी दोस्ती थी। दोनों दोस्तों ने प्रॉपर्टी के बढ़ते बाजार में भी पैसा लगाया और खूब कमाई की। लेकिन बाद में किसी आपसी विवाद के कारण दोनों के रास्ते अलग हो गए। लेकिन रिषी राजपाल सिंह चौहान जिस प्लॉट पर रहते थे, उस प्लॉट की जीपीए अरुण कुमार शर्मा के नाम पर थी। वे उस जमीन को वापस पाना चाहते थे। लेकिन डॉक्टर उसे खाली नहीं करना चाहते थे।

दोस्तों के बीच प्रॉपर्टी को लेकर शुरू हुआ विवाद अदालती कार्रवाई तक पहुंच गया। लेकिन दस्तावेज मजबूत होने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए पिछले सितंबर महीने में जमीन पर अरुण कुमार शर्मा के हक में फैसला सुनाया था। इस फैसले के बाद 15 नवंबर को गुरुग्राम की एक अदालत को सुप्रीम कोर्ट के इस ऑर्डर की  तामील का आदेश देना था। माना जाता है कि कोर्ट इस दिन डॉक्टर को प्लॉट खाली करने का आदेश दे सकती थी। यही कारण है कि डॉक्टर ने अपने बेटे के साथ मिलकर अरुण कुमार शर्मा को गुरुग्रााम  कोर्ट तक न पहुंचने देने का प्लान बनाया।

कैसे हुआ अपराध

पुलिस के मुताबिक डॉक्टर रिषी राजपाल सिंह चौहान सुप्रीम कोर्ट में हुई अपनी हार के बाद बौखला गया था। वह किसी भी तरह जमीन पर कब्जा छोड़ना नहीं चाहता था क्योंकि इसी प्लॉट पर उसका क्लीनिक चलता था। वह एक गर्ल्स हॉस्टल भी चलाता था। उसने अपनी यह परेशानी अपने एक दोस्त से साझा की। दोस्त ने अपने बेटे अमित विक्रम छाबड़ा से डॉक्टर से बात करने के लिए कहा। डॉक्टर और विक्रम छाबरा ने मिलकर अरुण कुमार शर्मा को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। इसके लिए 25 लाख रुपये में सौदा तय हुआ।

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डॉक्टर को अपने रास्ते से हटाने के लिए विक्रम छाबड़ा ने अपनी कंपनी में काम कर चुके दो लड़कों को चुना और उन्हें एक-एक लाख रुपये एडवांस में दे दिये। दिल्ली के कनाट प्लेस में एक मुकदमे की पैरवी करने आए अरुण कुमार शर्मा की पहचान लड़कों को करवा दी गई।

अपराधियों को पता था कि अरुण कुमार शर्मा केस के सिलसिले में 15 नवंबर को गुरुग्राम जाने के लिए अपने घर से निकलेंगे। वे फर्जी नंबर की एक महेंद्रा स्कोर्पियो से अरुण कुमार शर्मा के घर पहुंचे और घात लगाकर उनका इंतजार करने लगे। जैसे ही अरुण कुमार शर्मा सुबह 8:35 पर अपने घर से कैलाश कालोनी मेट्रो स्टेशन के लिए निकले, अपराधियों ने मौका देखकर उन्हें अपनी कार में घसीट लिया।

पुलिस के मुताबिक कुछ ही दूर जाने के बाद अपराधियों ने अरुण कुमार शर्मा की गला दबाकर हत्या कर दी। डॉक्टर रिषी राजपाल सिंह चौहान का बेटा हितेश चौहान अरुण कुमार शर्मा की लाश देखना चाहता था, इसलिए अपराधी उसे लाश दिखाने के लिए गुरुग्राम ले गए। हितेश की तसल्ली हो जाने के बाद लाश को उसी दिन उत्तर प्रदेश के झांसी में ले जाकर फेंक दिया गया।

ऐसे पकड़ में आए आरोपी

दरअसल, अरुण कुमार शर्मा कैलाश कोलोनी से मेट्रो से जाकर एमजी रोड अपने एक वकील से मिलने वाले थे। वहां से दोनों कार के जरिए कोर्ट पहुंचने वाले थे। लेकिन अरुण कुमार शर्मा एमजी रोड नहीं पहुंचे। शाम तक वे घर भी नहीं पहुंचे, जिसके बाद उनकी बहन ने पुलिस में शिकायत कर दी थी। उन्होंने पुलिस के सामने इस प्रापर्टी विवाद की जानकारी दे दी थी। इसके बाद पुलिस ने डॉक्टर के ऊपर शिकंजा कसना शुरु कर दिया। बाद में डॉक्टर ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। कैलाश कालोनी से भी सीसीटीवी में कार और आरोपियों की पहचान हो गई। पुलिस ने घटना में शामिल महिंद्रा स्कॉर्पियो और मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।

 

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