केंद्र सरकार ने कहा कि पनामा पेपर्स में आए नामों की जांच बेहद तेजी से चल रही है। सरकार इस पर कार्रवाई कर रही है। पर हम पाकिस्तान का मॉडल नहीं अपनाएंगे, जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को सही प्रक्रिया अपनाए बगैर पद से हटा दिया गया।
देश के वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बैंककारी विनियमन(संसोधन) विधेयक 2017 पर चर्चा के दौरान कहा कि पनामा पेपर्स में खुलासा किये गये सारे खातों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जितनी तेजी से कार्रवाई की है, उतनी किसी और देश की सरकार ने कार्रवाई नहीं की है। हम विदेशी खातों को लेकर तेजी से जांच कर रहे हैं। वित्त मंत्री के जवाब के बाद सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
अरुण जेटली ने पनामा पेपर के खुलासे के बारे में कहा कि हर खाते की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां कानून का शासन है। हमारे यहां पड़ोसी देश की तरह ढांचा नहीं जहां आप लोगों को पहले पद से हटा देते हैं और बाद में उस मामले की सुनवाई करते हैं। वह पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की ओर संकेत कर रहे थे जिन्हें पनामा पेपर के खुलासे के बाद पिछले महीने पद से हटा दिया गया था। इस घटना के संदर्भ में यहां इसी मामले पर जांच की स्थिति के बारे में सदन में सवाल उठाये गये थे।
इस दौरान सरकार ने कहा कि देश में गैर निष्पादक आस्तियों (एनपीए) के आंकड़े बढ़ रहे हैं, जिनमें अधिकतर पुराने लोन हैं। उनके ब्याज बढ़ने से एनपीए और भी तेजी से बढ़ रहा है।