जीएसटी की दर पर अभी सरकार ने कोई खुलासा नहीं किया है। दर 18 फीसदी से कम पर सीमित रखने की विपक्ष की मांग पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कोई भरोसा तो नहीं दिया, लेकिन कहा कि जीएसटी की दर कम से कम रखी जाएगी। मौजूदा टैक्स की दरों से यह दर निश्चित ही काफी कम होगी।
वित्त मंत्री जेटली ने राज्यसभा में जीएसटी पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि जीएसटी दर पर जीएसटी काउंसिल फैसला करेगी, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री और सभी 29 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। जेटली ने कहा कि हम करों का बोझ कम करेंगे।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में 80 फीसदी वस्तुओं पर 12.5 फीसदी केंद्रीय उत्पाद शुल्क लगता है। राज्य स्तर पर 55 फीसदी वस्तुओं पर 14.5 फीसदी वैट या सेल्स टैक्स लगता है। दोनों को मिलाकर औसत निकाला जाए तो 65 फीसदी वस्तुओं पर 27 फीसदी कर लगता है। इसके अलावा उपकर, प्रवेश कर समेत अन्य करों को मिलाकर टैक्स 30 फीसदी के आंकड़े तक पहुंच जाता है।
जीएसटी की दर तय करते समय हम दो तथ्य देखेंगे। पहला यह कि 27 फीसदी कर बहुत ज्यादा है, इससे महंगाई बढ़ती है, लोग प्रभावित होते हैं और इसे कम करना चाहिए। दूसरा यह कि हमारी राजस्व जरूरतें किस तरह पूरी हो सकती हैं।
जीएसटी से महंगाई बढ़ने की आशंका को खारिज करते हुए जेटली ने कहा कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में शामिल 55 फीसदी वस्तुओं पर कर नहीं लगता, 32 फीसदी पर कम दर से कर लगाया जाता है और सिर्फ 12 फीसदी पर मानक दर के अनुसार कर लगता है।