जो लोग अभी तक राष्ट्रविरोधी नारा लगाते थे वे अब जय हिंद बोलने को मजबूर हो गए है। भले ही वे भारत माता की जय नहीं कह रहे है लेकिन जय हिंद तो कह रहे है। भाजपा ने राष्ट्रवाद की वैचारिक लड़ाई में पहला चरण जीत लया है। केंद्र व राज्यों में भाजपा को जो जनसमर्थन मिला है उससे हम पर दो जिम्मेदारिया सीधे-सीधे आई है। पहली, देश को भूख से मुक्ति दिला समग्र विकास की ओर से ले जाना। दूसरी, राष्ट्रवादी सोच को विकसित करना। दुख होता है कि भारत माता की जय कहने पर भी विवाद होता है और वीर सावरकर के राष्ट्रप्रेम पर संदेह किया जाता हैं। भाजपा वैचारिक लड़ाई भी लड़ रही है। पहले दौर की लड़ाई तो जीत लिया है क्योंकि जय हिंद कहने को राष्ट्रविरोधी नारा लगाने वाले मजबूर हुए हैं। यह बातें दिल्ली भाजपा कार्यकारिणी की बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कही।
दक्षिणी दिल्ली में आयोजित प्रदेश भाजपा की कार्यकारिणी बैठक में जेटली ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने जेएनयू में भारत विरोधी नारे लगाए जाने के बाद वहां का दौरा किया था। सावरकर के राष्ट्रवाद पर सवाल उठा रहे हैं। वही लोग अब भारत को तोडने की बात करने वाले कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं।
भाजपा की विचारधारा राष्ट्रवाद से प्रेरित है। यह अजीब स्थिति है जहां देश को तोडने की बात करना अभिव्यक्ति की आजादी माना जाता है। कानून अथवा संविधान कहीं भी इसकी इजाजत नहीं देता। यह सब देश की राजधानी में हो रहा है। दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस राज्य में एक ऐसी सरकार है जो खुद को संविधान के प्रति अराजक कहने में गर्व महसूस करती है पर अब उसने राष्ट्रद्रोह में लिप्त तत्वों का समर्थन कर लोकतांत्रिक मर्यादाओं की सीमा रेखा पर कर ली है।
'भाजपा का विकास हुआ'
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दिल्ली देश की राजधानी होने के साथ-साथ राजनीति की भी राजधानी है, यहां देश का मीडिया केंद्र है, देश के मुद्दे दिल्ली में होनी वाली चर्चाओं से तय होते हैं। आवश्यक है कि दिल्ली भाजपा कार्यकर्ताओं की ऐसी टोलियां विकसित करें जो अल्प समय में बड़ा जन जागरण खड़ा कर सकें।
जेटली ने कहा कि भाजपा को अभी कुछ वर्ष पूर्व तक देश के कुछ क्षेत्र विशेष में सीमित पार्टी माना जाता था, आज हम लेह-लद्दाख से तिरूवंथापुरम् तक, सौराष्ट्र से इंफाल तक भाजपा का विकास हुआ है। दिल्ली की जनता में केजरीवाल सरकार के विरूद्ध एक निराशा है और कांग्रेस अप्रासंगिक हो चुकी है, छोटे-छोटे राजनीतिक दलों से गठबंधन कर जीवित रहने का प्रयास कर रही है। ऐसे में भाजपा के पास दिल्ली में स्थापित करने का रास्ता साफ है, बस पार्टी कार्यकर्ताओं को निष्ठा और समर्पण से काम करने की जरूरत है। मुझे विश्वास है कि हम असम में भी सरकार बनाएंगे। सरकार देश में छुपे कालेधन को भी बाहर लाने का प्रयास कर रही हैं।
इस मौके पर प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने कहा कि दिल्ली भाजपा ने लगातार संघर्ष कर जिस तरह केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार का पोल खोला है उससे सरकार पूरी तरह हताश है। दिल्ली में ऐसी सरकार है जो राष्ट्रद्रोह व अराजक तत्वों की शरणगाह बन गई है। अध्यक्षीय भाषण में प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय कहा कि कार्यकारिणी की बैठक एमसीडी चुनाव के लिए नीति-निर्देश बनाने में सहायक होगी। दिल्ली के मंत्री एवं विधायक अराजकता और भ्रष्टाचार के पर्याय बन गए हैं। युवा इस सरकार से पूरी तरह हताश हो चुके हैं, उन्हें न शिक्षा लोन मिले, न नये स्कूल-कॉलेज और न ही फ्री वाई-फाई।