राज्यसभा में बुधवार को फाइनेंस बिल पर चर्चा हुई। इस दौरान वित्तमंत्री अरुण जेटली और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने अपना-अपना पक्ष रखा। आधार को अनिवार्य करने के मुद्दे पर चिदंबरम ने कहा, आधार मूल रूप से पहचान और सुविधाओं के लिए बनाया गया था। टैक्स और बैंक एकाउंट से जोड़ने की नीयत कभी नहीं थी, लेकिन इसका दायरा बढ़कर आम लोगों की निजता और उसकी डाटा सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है।
इस दौरान चिदंबरम ने क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की पत्नी के ट्वीट का मुद्दा भी उठाया। बताते चलें कि साक्षी ने धोनी और उनकी 'आधार' जानकारी ट्विटर पर लीक होने की शिकायत आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद से की थी।
चिदंबरम ने सवाल उठाया कि अकाउंट का 'आधार' से जोड़ने के बाद सरकार ट्रांजेक्शन की निजता को कैसे बचाएगी? उन्होंने यह भी कहा, पेंटागन हैक हो चुका है, फिर क्या गारंटी है कि आप 'आधार' को हैक होने से बचा सकेंगे।
अरुण जेटली ने इसका जवाब देते हुए कहा, 'टैक्स रिटर्न को आधार से जोड़ने को तर्कसंगत बताते हुए कहा कि जिसके पास आधार नहीं है, वह दूसरी पहचान देकर आधार के लिए आवेदन कर सकता है, लेकिन उसे रिटर्न के रिकॉर्ड में आवेदन का नंबर भरना होगा।'