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'मौजूदा आरक्षण की नीति रहेगी जारी, खत्म करने का कोई सवाल नहीं'

Mon, 14 Mar 2016 04:05 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • जेटली ने कहा आरक्षण पर कुछ फिर से सोचने की आवश्यकता नहीं
  • मायावती और रामगोपाल यादव ने सदन में उठाया मुद्दा
  • नकवी ने भी दिया जवाब, कहा खत्म नहीं होगा आरक्षण
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अरुण जेटली ने सदन में दिया जवाब - फोटो : PTI
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विस्तार
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राजस्थान स्थित नागौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तीन दिवसीय सभा के आखिरी दिन आरक्षण पर हुई चर्चा पर सोमवार को राज्यसभा में सरकार को जवाब देना पड़ा जिसमें कहा गया था कि जो लोग संपन्न वर्ग से आते हैं  नौकरी और शिक्षा में उन लोगों को आरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
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संघ की सभा से निकली इस बात पर सरकार की ओर से राज्यसभा में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि मौजूदा आरक्षण की व्यवस्था पर कुछ भी फिर से सोचने की जरूरत नहीं है। जाति आधारित आरक्षण नीति जारी रहेगी।

जेटली ने राज्यसभा में कहा कि यह सरकार की नीति में कहा गया है कि आरक्षण की व्यवस्था वही रहेगी जो वर्तमान में है। जेटली ने कहा कि 'संघ ने यह नहीं कहा कि आरक्षण को खत्म कर दिया जाए या फिर उसकी मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव किया जाएगा।'
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'भाजपा सत्ता में आई है आरक्षण पर बहस शुरु हो गई'

मायावती - फोटो : PTI
इसके पहले सदन में समाजवादी पार्टी नेता और राज्यसभा सदस्य राम गोपाल यादव ने आरोप लगाया कि मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में बदलाव करने के लिए षड़यंत्र रचा जा रहा है। वहीं बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि संविधान में यह साफ है कि एससी, एसटी और ओबीसी को आरक्षण देने का मानदंड क्या होगा लेकिन संघ के लोग इसे आर्थिक आधार पर जारी करना चाहते हैं।

जिसके जवाब में जेटली ने कहा कि 'उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा है।'  सपा नेता रामगोपाल यादव  ने कहा कि संघ और सरकार में कोई अंतर नहीं है वहीं मायावती ने कहा कि जब से भाजपा सत्ता में आई है आरक्षण पर बहस शुरु हो गई है। इसका जवाब देते हुए संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि आरक्षण पर सरकार का साफ नजरिया है। यह जारी रहेगा और संघ इसे खत्म करनने की बात नहीं करता।

उन्होंने कहा कि इस बात का कोई सवाल ही नहीं उठता की आरक्षण को हटा दिया जाए। संघ भी इसे मजबूत करन चाहता है न कि खत्म।'
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