रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को कहा कि वह ब्याज दर में कटौती का लाभ कर्जदाताओं को देने के बारे में चर्चा करने के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक प्रमुखों से इस सप्ताह मिलेंगे। वित्त मंत्री अरूण जेटली के केंद्रीय बैंक के निदेशक मंडल को संबोधित करने के बाद दास ने संवाददाताओं से कहा कि मौद्रिक नीति निर्णय का लाभ कर्जदाताओं को देना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि वह सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) से 21 फरवरी को मिलेंगे। इस महीने की शुरूआत में रिजर्व बैंक ने प्रमुख नीतिगत दर (रेपो) 0.25 प्रतिशत घटाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया।
जेटली ने कहा, 'भारत को कम और बड़े बैंकों की जरूरत, जो वित्तीय तौर पर मजबूत हों। साल दर साल, पिछले 5 वर्षों का हमारा अनुभव यह रहा है कि जहां तक राजस्व का संबंध है, इसमें समुचित वृद्धि हुई है। मुझे लगता है कि भारत को कुछ और मेगाबैंक की जरुरत है।' बैंकों के विलय के बारे में जेटली ने कहा कि देश को कुछ और बड़े आकार के बैंकों की जरूरत है जो सुदृढ़ हों।