समाज के सामने एक अनोखी पहल करते हुए देश के 30 नामचीन कलाकारों ने अपनी बनाई कलाकृति को दान कर दिया है। अब उसकी नीलामी से जो भी धन राशि संग्रहित होगी, उसका इस्तेमाल दो एनजीओ के माध्यम से बेसहारा बच्चों के पुनर्वास और स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए किया जाएगा। भारतीय कला जगत में समाजसेवा की इस तरह की यह पहली मिसाल है।
बेसहारा बच्चों और कैंसर पीड़ितों की मदद करने की इस मुहिम की अगुवाई पेरिस में रहने वाली भारतीय मूल की अंतरराष्ट्रीय मूर्तिकार-चित्रकार और प्रख्यात गांधीवादी राधाकृष्ण बजाज की बेटी सुजाता बजाज कर रही हैं। सुजाता की कलाकृति घोड़ा मुंबई के जहागीर आर्ट गैलरी में चल रही ब्रेकिंग बैरियर्स प्रदर्शनी में सबसे अधिक कलाप्रेमियों को आकर्षित कर रहा है।
सुजाता ने यह कलाकृति अपनी फैशन डिजाइनर बेटी हेलेना बजाज के साथ मिलकर तैयार की है। सुजाता बजाज कहती हैं कि मैं हमेशा इस तरह के सामाजिक कार्य में हिस्सा लेने से खुशी महसूस करती रही हूं। ‘नन्ही कली’ नाम का एक एनजीओ मुझे बहुत पसंद है, जो वंचित तबके की कन्याओं को प्राइमरी शिक्षा देने का काम कर रहा है।