भारत में घरेलू हवाई यातायात में बढ़ोतरी देखी जा रही है। वहीं, एयरलाइंस भी अपने बेड़े का विस्तार कर रही हैं। इस बेड़े में वाइड-बॉडी विमान शामिल हैं। ऐसे में एआई का इस्तेमाल इनके काम आसान कर रहा है। यही वजह है कि विमानन सहित सभी उद्योगों में एआई और मशीन लर्निंग जैसी नए दौर की तकनीकों को अपनाने में बढ़ोतरी हो रही है।
{{#eligible}}
सभी खबरें बिना रुकावट पढ़ने के लिए
अमर उजाला एप डाउनलोड करें
भारतीय विमानन में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के इस्तेमाल ने ग्राहक सेवा एजेंटों का काम आसान बना दिया है। उन पर काम का भार कम हुआ है तो यात्रियों को भी एआई से उनके सवालों के जवाब बिल्कुल इन्सानी तरीके से मिल रहे हैं। इससे विमानों का बढ़ते हवाई ट्रैफिक के बीच परिचालन आसान हो गया है। दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागरिक उड्डयन बाजारों में से एक भारत में घरेलू हवाई यातायात में बढ़ोतरी देखी जा रही है। वहीं, एयरलाइंस भी अपने बेड़े का विस्तार कर रही हैं। इस बेड़े में वाइड-बॉडी विमान शामिल हैं। ऐसे में एआई का इस्तेमाल इनके काम आसान कर रहा है। यही वजह है कि विमानन सहित सभी उद्योगों में एआई और मशीन लर्निंग जैसी नए दौर की तकनीकों को अपनाने में बढ़ोतरी हो रही है।
विज्ञापन
एयर इंडिया का एआई एजेंट एआईडॉटजी
एयर इंडिया की पांच साल की बदलाव योजना के तहत एआई का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होगा। अभी इसका जनरेटिव एआई वर्चुअल एजेंट एआईडॉट जी 1,300 से अधिक विषयों को संभालता है। एयर इंडिया के मुख्य डिजिटल और प्रौद्योगिकी अधिकारी सत्य रामास्वामी का कहना है कि एआईडॉटजी ने हमें हमारे संपर्क केंद्र कामों को सुव्यवस्थित ही नहीं किया, बल्कि इसमें तेजी लाने में भी मदद की है। इसने हमारे संपर्क केंद्र के एजेंटों को उन सवालों और अनुरोधों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने में मदद की है, जिनके लिए ग्राहकों के साथ जटिल और लंबी बातचीत की जरूरत होती है।
इंडिगो के पास एआई चैटबॉट 6 एस्काई
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के पास एआई चैटबॉट 6 एस्काई है। इसमें 1.7 ट्रिलियन पैरामीटर हैं। इससे यह आसानी से सवालों के जवाब दे सकता है। यही नहीं, यह बॉट स्पीच-टु-टेक्स्ट मॉडल का इस्तेमाल कर लिखित या टाइप की गई भाषा और मौखिक निर्देशों को समझ सकता है। इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा कि इसके एआई चैटबॉट इस्काइ की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कई सुधार किए जा रहे हैं।