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जम्मू-कश्मीर पर आखिर राहुल गांधी ने क्यों बदला स्टैंड, अचानक 'सद्बुद्धि' आने की क्या है वजह?

Wed, 28 Aug 2019 08:13 PM IST
Harendra Chaudhary शशिधर पाठक, नई दिल्ली
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राहुल गांधी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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कश्मीर में अनुच्छेद 370, 35ए हटाए जाने और राज्य के पुनर्गठन विधेयक के पारित होने के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया है। इसमें राहुल गांधी ने कहा है कि उनके सरकार से विभिन्न मुद्दों पर मतभेद हैं, लेकिन वह साफ कर देना चाहते हैं कि कश्मीर का मुद्दा भारत का आंतरिक मामला है और इसमें पाकिस्तान या किसी अन्य विदेशी ताकत के हस्तक्षेप की कोई जगह नहीं है। राहुल गांधी ने कश्मीर में आतंकवाद को शह देने के लिए पाकिस्तान की कड़ी निंदा की है। वहीं भाजपा ने राहुल गांधी के इस ट्वीट पर सवाल उठाया है। सोशल मीडिया पर भी सवाल उठ रहा है कि क्या राहुल गांधी को सद्बुद्धि आ गई है? उनके इस ट्वीट पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

राहुल गांधी ने ऐसा क्यों कहा?

सोशल मीडिया पर चल रहा है कि राहुल गांधी के ऊपर दबाव बढने के बाद उन्होंने अपना स्टैंड बदला है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस के नेता शशि थरूर और जयराम रमेश के मोदी सरकार के अच्छे काम की प्रशंसा वाले बयान आने के बाद राहुल बदले हैं। केंद्र सरकार के एक मंत्री इसका दो कारण मानते हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र संघ को भेजी शिकायत में राहुल गांधी का उल्लेख किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी इसी तरह का आरोप लगाया है। बता दें कि कांग्रेस पार्टी को छोड़कर जाने वाले सांसदों और मौजूदा कई नेताओं ने अनुच्छेद 370 पर खुलकर सरकार के कदम का समर्थन किया है। जिसके चलते राहुल गांधी को बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा।

भाजपा ने जड़े आरोप

प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉफ्रेंस में कहा कि कांग्रेस ने अपनी हरकतों से देश को शर्मसार किया है। राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी को लेकर जिस तरह की टिप्पणियां की हैं, उनके इन बयानों का इस्तेमाल पाकिस्तान ने किया है। संयुक्त राष्ट्र में दी अर्जी में पाकिस्तान कहा है कि जम्मू-कश्मीर में हिंसा की घटनाओं को राहुल गांधी जैसे मुख्यधारा के नेताओं ने कुबूल किया है। प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि राहुल गांधी कह रहे हैं, कश्मीर में जो हो रहा है, वह सही नहीं हो रहा है। लोगों के मरने की खबरें आ रही हैं। प्रकाश जावड़ेकर ने राहुल गांधी को आगाह करते हुए कहा, राहुल गांधी आप गलत हैं, जम्मू-कश्मीर में सबकुछ ठीक है। कोई हिंसा नहीं हो रही है, कोई मारा नहीं जा रहा है।

कांग्रेस बचाव में उतरी

कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने जावड़ेकर के बयान पर कहा कि भाजपा नेता और सूचना प्रसारण मंत्री मिस इनफार्मेशन मंत्री बन गए हैं और अपना संतुलन खो बैठे हैं। सुरजेवाला ने कहा कि राहुल गांधी ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग था, है और रहेगा। यह भारत का आंतरिक मामला है और इसमें दुनिया की कोई ताकत दखल नहीं दे सकती। इसके साथ-साथ राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद को पाकिस्तान से प्रायोजित बताया और उसके इन प्रयासों की कड़ी निंदा की है।

कश्मीर भारत का अभिन्न अंग

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि राहुल गांधी ने क्या नया कहा है? यह तो हम पहले से कहते आए हैं। पंडित नेहरु के जमाने से कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। हमारी सेनाएं, हमारे सुरक्षा बल नियंत्रण रेखा, अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। वहीं शिमला समझौते के बाद से भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय मामलों को आपसी सहमति से सुलझाने के लिए बाध्य हैं। बाद में इसी लाइन पर लाहौर घोषणा पत्र भी इसमें जुड़ा। इतना ही नहीं कांग्रेस और कांग्रेस के नेतृत्व वाली केंद्र और राज्य सरकारों ने हमेशा कश्मीर में घुसपैठ और आतंकवाद के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराते हुए उसे अंतराष्ट्रीय स्तर पर बेनकाब किया है।

केंद्र सरकार के तरीकों का विरोध

कांग्रेस के नेता का कहना है कि पार्टी का विरोध इसे लेकर नहीं है, बल्कि केन्द्र की भाजपा सरकार के तरीकों का विरोध है। सरकार का यह तरीका सही नहीं है। सरकार के इस तरीके से जम्मू-कश्मीर में समस्या बढ़ने के साथ आम नागरिकों की परेशानी बढ़ने का खतरा है। जिस पर विपक्षी दल को सवाल उठाने का पूरा हक है।

फिर क्यों निशाना बन रहे हैं राहुल गांधी?

कांग्रेसी नेताओं का मानना है कि भाजपा छद्म राष्ट्रवाद के सहारे देश में वोटों का ध्रुवीकरण करती है और यह उसके इसी राजनीतिक प्रयास का हिस्सा है। बताते हैं कि पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भी भाजपा की केंद्र की सरकार ने इसे इसी तरह से भुनाया था और 2019 के आम चुनाव में सत्ताधारी दल को सफलता मिली थी। सत्ताधारी दल इसी अवसर को फिर भुनाने और राहुल गांधी की छवि खराब करने की कोशिश में हैं।

 

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