जम्मू-कश्मीर को लेकर अनुच्छेद-370 पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला विदेशी मीडिया में भी सुर्खियों में रहा। किसी ने इसे मोदी सरकार के फैसले पर सुप्रीम मुहर बताया, तो किसी ने लिखा इससे भाजपा को बढ़त मिलेगी। पढ़िए, किस मीडिया हाउस ने क्या लिखा...
ब्लूमबर्ग : मोदी सरकार का फैसला बरकरार
अमेरिकी मीडिया हाउस ब्लूमबर्ग ने लिखा, भारत की शीर्ष अदालत ने जम्मू-कश्मीर की स्वायत्तता खत्म करने के मोदी सरकार के फैसले को बरकरार रखा है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टी भाजपा के लिए आगामी लोकसभा चुनाव के लिए उत्साहवर्धन है।
सीएनएन : कोर्ट ने जल्द चुनाव के लिए कहा
अमेरिकी न्यूज चैनल सीएएन ने लिखा, भारत की सबसे बड़ी अदालत ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के केंद्र सरकार के 2019 में लिए गए फैसले पर मुहर लगा दी है। मुस्लिम बहुसंख्या वाले कश्मीर को राज्य का दर्जा लौटाया जाए और यहां जल्द से जल्द विधानसभा चुनाव भी कराए जाएं।
अलजजीरा : अस्थायी था विशेष दर्जा
अलजजीरा ने लिखा, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को 2019 में रद्द कर दिया गया था। सर्वोच्च न्यायालय ने विशेष दर्जा को अस्थायी बताया। विवादित मुस्लिम-बहुल क्षेत्र को 1949 से विशेष दर्जा प्राप्त था।
बीबीसी : खास दर्जा नहीं मिलेगा वापस
ब्रिटिश मीडिया हाउस बीबीसी ने लिखा, सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म कर विशेष दर्जा हटाए जाने के फैसले पर मुहर लगा दी है। अब खास दर्जा वापस नहीं मिलेगा। मोदी की सरकार ने 2019 में यह दर्जा खत्म कर दिया था। कोर्ट ने राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल करने को कहा।
द डॉन : दूसरे राज्यों के लोग जम्मू-कश्मीर में खरीद सकेंगे जमीन
पाकिस्तान के अंग्रेजी अखबार द डॉन ने लिखा, फैसले में एक अहम बात यह है कि राज्य में 30 सितंबर 2024 तक चुनाव कराने का आदेश भारत के चुनाव आयोग को दिया गया है। फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर लगने के बाद यह साफ है कि अब दूसरे राज्यों के लोग जम्मू-कश्मीर में जमीन और दूसरी प्रॉपर्टीज खरीद सकेंगे।
जियो टीवी : सुप्रीम कोर्ट ने 2019 के फैसले को सही ठहराया
पाकिस्तानी टीवी चैनल जियो न्यूज ने कहा, भारत के सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि 2019 में जम्मू-कश्मीर से स्पेशल स्टेटस हटाया जाना सही था, क्योंकि यह अस्थायी प्रावधान था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले में दो अहम बातें कही गई हैं। जम्मू और कश्मीर को जल्द से जल्द राज्य का दर्जा दिया जाए। यहां सितंबर 2024 तक चुनाव कराए जाएं।
डायचे वैले : दूसरे राज्यों की तरह ही बर्ताव
जर्मन मीडिया हाउस डायचे वैले (डी डब्लू) ने लिखा, सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि जम्मू-कश्मीर के साथ देश के दूसरे राज्यों की तरह ही बर्ताव किया जाना चाहिए। डी डब्लू ने मोदी के बयान को भी रेखांकित किया है, जिसमें कहा-यह फैसला राज्य के बेहतर भविष्य पर मुहर लगाता है।