कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने सरकार से अनुच्छेद 370 के फैसले को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा, मैं सरकार से मांग करता हूं कि उन्होंने जो गलत निर्णय (अनुच्छेद 370 हटाना) लिया है उसे वापस लिया जाए। जो गलत साबित हुआ है क्योंकि राज्य में कोई भी खुश नहीं है। इस तरह के फैसले को उलट देना चाहिए। राजनीतिक नेताओं को रिहा चाहिए और सामान्य स्थिति बहाल की जानी चाहिए।
वहीं अनुच्छेद 370 को लेकर द्रविड़ मुनेत्र कड़घम (डीएमके) ने अपना विरोध जताया है। पार्टी नई दिल्ली में 22 अगस्त को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेगी।
बता दें कि अनुच्छेद 370 को लेकर कांग्रेस में दो धड़े बंट गए हैं। एक धड़ा जहां सरकार के समर्थन में खड़ा है वहीं दूसरा इसका विरोध कर रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व महासचिव जनार्दन द्विवेदी, मिलिंद देवड़ा और कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने अनुच्छेद 370 हटाने के सरकार के फैसले का समर्थन किया है।
जब इसपर आजाद से सवाल तो उन्होंने ऐसे लोगों को कांग्रेस और जम्मू-कश्मीर का इतिहास पढ़ने की सलाह दे दी। छह अगस्त को उन्होंने कहा था कि जिन लोगों को जम्मू-कश्मीर का इतिहास या कांग्रेस का इतिहास पता नहीं, उनसे मुझे कोई लेना देना नहीं है। वो पहले जम्मू-कश्मीर और कांग्रेस का इतिहास पढ़ें, फिर कांग्रेस में रहें।