भारत और चीन के बीच सड़क निर्माण को लेकर सीमा पर उठा तनाव थम नहीं रहा है। भारत की ओर से सिक्किम बॉर्डर पर 3000 सैनिक तैनात कर दिए गए और भारत ने ये भी साफ कर दिया कि इस तरह का रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारत सरकार ने कहा है कि बॉर्डर पर चीनी कार्रवाई बिल्कुल बर्दास्त नहीं की जाएगी। ये भारत के लिए गंभीर खतरा है।
दरअसल, बॉर्डर पर तनाव के बाद दोनों देशों ने सिक्किम-भूटान-तिब्बत ट्राई जंक्शन पर सैनिक तैनात कर दिए गए और ऐसा कई सालों बाद देखा जा रहा है। बॉर्डर पर चीन के तनातनी पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वो चीन की ओर से किए जा रहे बदलावों को गंभीरता से ले रहा है।
#India is deeply concerned at recent #Chinese actions: #MEA on road construction by China in #Doklam area.
— Press Trust of India (@PTI_News) 30 June 2017
मंत्रालय के मुताबिक चीन को इस बारे में जानकारी दे दी गई है कि सड़क निर्माण से भारत की सिक्योरिटी पर असर पड़ेगा। इस बीच चीनी मीडिया की ओर से बयान आया है कि वे दोनों देशों को सीमा विवाद सुलझाने के लिए संवाद की जरूरत है। वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि इस मसले पर बातचीत होनी जरूरी है।
onveyed to China that road construction would represent significant change of status quo with security implications for India: MEA.
— Press Trust of India (@PTI_News) 30 June 2017
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में ये भी कहा गया है कि भारत चीन के साथ सीमा विवाद बढ़ाने के मूड में नहीं है, वो इसे बातचीत के जरिए खत्म करना चाहता है। वहीं चीनी मीडिया के मुताबिक चीन ने भी बातचीत के रास्ते खोलने की बात कही है।
#India committed to working with #China to find peaceful resolution of all issues in border areas through dialogue: #MEA.
— Press Trust of India (@PTI_News) 30 June 2017
बता दें कि चीन ने भारतीय सेना के बंकर तोड़े और उसने भारतीय सैनिकों पर घुसपैठ का आरोप भी लगया है। बॉर्डर पर गरमा-गरमी का माहौल बना हुआ है और इसलिए आर्मी चीफ बिपिन रावत खुद इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
सूत्रों के मुताबिक उन्होंने खुद गुरुवार को गंगटोक में 17 माउंटेन डिविजन और कलीमपोंग में 27 माउंटेन डिविजन के हेडक्वॉटर का दौरा किया। दरअसल, पूर्वी सिक्किम बॉर्डर पर तैनात किए गए 3000 सैनिक इसी 17 माउंटेन डिविजन के अंतर्गत आते हैं। आर्मी ने बिगड़े माहौल पर कुछ भी कहने से मना कर दिया है, लेकिन सूत्रों की माने तो डोका ला जनरल इलाके में हालात काफी गंभीर हैं।