करियाम्मना अग्रहरा क्षेत्र में 18 जनवरी को लगभग 200 कच्चे मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। इसके बारे में कहा गया कि यहां अवैध बांग्लादेशी रह रहे हैं। इलाके में बिजली और पानी की आपूर्ति भी बंद कर दी गई है।
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वहीं, दूसरी तरफ यहां रहने वाले मोहम्मद जहांगीर हुसैन का कहना है कि मैं त्रिपुरा का रहने वाला हूं। मकान गिराने से पहले हमें नोटिस भी नहीं दिया गया था। हम बांग्लादेशी नहीं हैं। हम गरीब लोग हैं, हम पक्के मकानों में किराए पर नहीं रह सकते, इसलिए हम यहां रहते हैं। मेरे पास सभी कानूनी दस्तावेज हैं।