बैट हमले के बाद भारत-पाक के बीच बढ़ी तनातनी से एलओसी पर सेना की हलचल तेज हो गई है। राजौरी और पुंछ जिले में जवानों को सतर्क किया गया है। पोर्टरों को छुट्टी पर भेज दिया गया है। सीमा पार भी फारवर्ड पोस्टों पर पाक सैनिकों का जमावड़ा बढ़ा है। हालांकि सैन्य सूत्रों का दावा है कि एलओसी पर हर वक्त सतर्कता बरती जाती है। किसी भी स्थिति से निबटने के लिए जवान पूरी तरह तैयार हैं। किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पहले से ही तैयारियां पूरी रहती हैं।
राजौरी और पुंछ जिले में एलओसी पर सेना ने गश्त बढ़ा दी है। इसके साथ ही जवानों को हर वक्त सतर्क रहने और दुश्मन की गतिविधियों पर बारीक नजर रखने की हिदायत दी गई है। इस बात की भी आशंका जताई गई है कि पीओके में तैनात बैट दस्ते की सक्रियता दिख रही है। इस वजह से खास सतर्कता बरती जानी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार जवानों को खासकर घुसपैठ वाले रास्तों पर नजर रखने को कहा गया है। इस तनातनी के बीच पाकिस्तान की ओर से सीजफायर का उल्लंघन कर घुसपैठ कराने की कोशिशें हो सकती हैं। पहले भी इस प्रकार की कोशिशें पाकिस्तान की ओर से की जा चुकी हैं। सैन्य सूत्रों का कहना है कि जब कभी भी तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है तो पाक की ओर से सीजफायर तोड़कर गोलाबारी की आड़ में आतंकियों को घुसपैठ कराने के लिए कवर फायर किया जाता है।
ग्रामीणों में दहशत
एलओसी पर सैन्य गतिविधियां बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत है। उनका मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता है तो पाक की गोलाबारी का उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। पहले भी कई बार पाक गोलाबारी का निशाना बने रिहायशी इलाकों में जान माल का नुकसान उठाना पड़ा है।