नगालैंड में इस महीने की शुरुआत में सेना की गोलीबारी में कई नागरिकों की जान जाने के बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों और अफ्स्पा कानून को हटाने की मांग के बीच सेना ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय सेना ने रविवार को कहा कि चार दिसंबर को नगालैंड के मोन जिले में हुई दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जांच तेज रफ्तार से हो रही है और इसे जल्द से जल्द पूरा करने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं। सेना ने आश्वासन दिया कि सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। राज्य की जनता से अनुरोध करते हुए सेना ने कहा कि धैर्य बनाए रखें और सेना की जांच पूरी होने का इंतजार करें।
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नगालैंड में चार दिसंबर को सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 14 नागरिकों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद पूरे राज्य में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे और विवादास्पद अफ्स्पा (सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम) को हटाने की मांग ने एक बार फिर से जोर पकड़ लिया। इस विवादित कानून को हटाने पर फैसला लेने के लिए अब केंद्र सरकार की ओर से एक समिति का गठन करने का फैसला किया गया है जो 45 दिनों में अपनी रिपोर्ट जमा करेगी।
सेना ने दिया था कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश
इस घटना के बाद सेना ने एक कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश जारी किया था। इसकी जिम्मेदारी उत्तरपूर्व में तैनात एक मेजर जनरल को दी गई है। रविवार को सेना ने एक बयान में कहा कि भारतीय सेना नगालैंड के लोगों को नववर्ष की शुभकामनाएं देती है और हम उनके बेहतर स्वास्थ्य, शांति, प्रसन्नता और समृद्धि की कामना करते हैं। हम एक बाक फिर मोन में चार दिसंबर को हुई घटना के प्रति दुख व्यक्त करते हैं। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी।
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लोगों से किया है जांच में मदद करने का अनुरोध
सेना ने बताया कि हमने लोगों से कहा है कि वह आगे आएं और इस घटना से संबंधित कोई भी जानकारी अगर उनके पास है तो हमारे साथ साझा करें। इस काम के लिए सेना की ओर से एक व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया गया है। अगर किसी व्यक्ति के पास इस घटना से संबंधित तस्वीरें, वीडियो या कोई अन्य सामग्री है तो वह इसे +916026930283 नंबर पर व्हाट्सएप के जरिए भेज सकता है या फिर सेना की एक्सचेंज हेल्पलाइन पर बता सकता है।
राज्य एसआईटी का पूरा सहयोग कर रही है सेना
बयान में सेना ने कहा कि हम इस मामले की जांच के लिए राज्य सरकार की ओर से गठित किए गए विशेष जांच दल (एसआईटी) का पूरा सहयोग कर रहे हैं और जो भी जानकारियां मांगी जा रही हैं वह समय से साझा की जा रही हैं। सेना ने कहा कि नगालैंड के लोगों ने पिछले कई दशकों से इलाके में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों का हमेशा सहयोग किया है। हम यहां के लोगों के साथ भाईचारे, भरोसे और मित्रता का संबंध साझा करते हैं।