तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को आश्वस्त किया है कि कोरोना महामारी के मद्देनजर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सेना पूरी तरह तैयार है। सेना गली मोहल्लों में भी जरूरी सामान पहुंचाने को तैयार है और स्थानीय प्रशासन इस काम में उसकी मदद ले सकता है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत समेत तीनों सेना प्रमुखों और मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ कोरोना के हालातों और इससे निपटने के उपायों की समीक्षा की।
इस दौरान सेना प्रमुखों ने बताया, सेना और नौसेना के कुछ अधिकारियों और जवानों के संक्रमित होने के बाद स्थिति नियंत्रण में है। अभ्यास और पीटी जैसी गतिविधियों में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। महामारी से निपटने को सेना पूरी तरह तैयार और सतर्क है। हालांकि, इसके साथ ही राजनाथ ने चेताया कि दुश्मन इस नाजुक स्थिति का किसी भी तरह फायदा न उठा पाए। ऐसे में सेना के तीनों अंगों को तालमेल के साथ काम करने की जरूरत है। बैठक में सैन्य अधिकारियों के खर्च पर पाबंदी हटाए जाने के फैसले की समीक्षा भी की गई। सेना ने कहा कि इससे पीपीई और जरूरी सामान खरीदने के काम को आसान बना दिया है। इस वजह से कई जगहों पर सिविल प्रशासन की बेहतर मदद हो पा रही है।
बैठक में जनरल रावत के अलावा सेना प्रमुख एमएम नरवणे, नौसेना प्रमुख एडमिरल करमवीर सिंह, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के भदौरिया, रक्षा सचिव अजय कुमार और रक्षा सचिव (वित्त) गार्गी कौल ने हिस्सा लिया। इनके अलावा देना के 12 कमान और अंडमान निकोबार और पोर्ट ब्लेयर के कमान ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हिस्सा लिया।