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आर्मी वाइस चीफ को मिली ये पावर, अब सेना होगी यु्द्ध के लिए तैयार

Thu, 13 Jul 2017 09:00 AM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक तिवारी
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indian army
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एक अहम फैसले में सरकार ने सेना को छोटी अवधि वाले ‘सघन युद्धों’ की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हथियार प्रणालियों एवं सैन्य प्लेटफार्म की सीधी खरीद का अधिकार दे दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। इस कदम का उद्देश्य सेना की युद्ध तैयारियों की ‘कमियों’ को पूरा करना है।
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सूत्रों ने बताया कि मौजूदा जरूरत को देखते हुए यदि इन अधिकारों का इस्तेमाल कर हथियारों और गोला बारूद की खरीद की जाए तो यह खरीद 40,000 करोड़ रुपये तक हो सकती है। हालांकि ये वित्तीय अधिकार मंत्रालय के बजटीय प्रावधानों के अनुरूप होंगे।

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब भारत और चीन की सेना के बीच सिक्किम सेक्टर के दोकलम में एक महीने से तनातनी चल रही है। साथ ही जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर पाक के साथ तनाव काफी बढ़ गया है।
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इस प्रक्रिया से जुड़े एक शीर्ष अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि सरकार के फैसले के मुताबिक, उप थलसेना प्रमुख को दस प्रकार की हथियार प्रणाली और उपकरणों का गोला-बारूद एवं पुर्जे खरीदने के लिए ‘पूर्ण’ वित्तीय अधिकार दे दिए गए हैं। यह फैसला एक आंतरिक समीक्षा के बाद लिया गया। इसमें सामने आया है कि ‘युद्ध भंडार’ को उच्चतम स्तर पर नहीं रखा जा रहा था।

अधिकारी के मुताबिक, इस फैसले का मकसद छोटी अवधि वाले सघन युद्धों की तैयारी में रहने वाली कमियों को पूरा करना है। पिछले वर्ष सितंबर में हुए उड़ी हमले के बाद सेना की तैयारियों की आंतरिक समीक्षा की गई थी, इसमें युद्ध के लिए सेना की तैयारियों में कमी पाई गई थी।

फैसले के मुताबिक, सेना को दस विभिन्न प्रकार की हथियार प्रणालियों के लिए 46 तरह के हथियार एवं पुर्जे सीधे खरीदने की इजाजत होगी। 20 तरह के हथियार और छह तरह की माइंस की खरीद की इजाजत से संबंधित प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है।

उभरती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए सेना सरकार पर इस बात के लिए दबाव बना रही है कि अहम सैन्य उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। सेना के एक अधिकारी के अनुसार, इस अहम कदम से युद्ध की तैयारी में रहने वाली ‘कमियों’ को पूरा किया जा सकेगा।
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